पशुधन क्षेत्र में भारी वृद्धि: 50 लाख किसानों को मिला केसीसी ऋण

पशुधन क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग: 50 लाख से अधिक किसानों को मिला केसीसी (KCC) का लाभ”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

भारत के पशुधन, डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने इस सेक्टर में उठाए गए प्रमुख कदमों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी।

इसमें किसानों के लिए संस्थागत ऋण विस्तार, डिजिटल प्रशिक्षण और पशुधन उत्पादकता में बढ़ोतरी जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।

ऋण विस्तार और दुग्ध उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि

सरकार के प्रयासों से पशुपालन करने वाले किसानों तक ऋण की पहुंच आसान हुई है।

  • केसीसी (KCC) लाभार्थी: वित्त वर्ष 2021-22 में किसान क्रेडिट कार्ड धारक पशुपालकों की संख्या 15.08 लाख थी, जो 2025-26 में छलांग लगाकर 50.42 लाख तक पहुंच गई है।

  • डिजिटल प्रशिक्षण: तकनीक के माध्यम से अब तक 6.4 लाख किसानों ने डिजिटल प्रशिक्षण में भाग लिया है।

  • दूध उत्पादन और निर्यात: 2024-25 में भारत का वार्षिक दूध उत्पादन 247.87 मिलियन टन हो गया है, जो घरेलू मांग (243 मिलियन टन) को भी पार कर गया है। इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2025-26 में कुल डेयरी निर्यात 407.18 मिलियन डॉलर के स्तर को छू गया।

राष्ट्रीय स्तर पर चल रही प्रमुख योजनाएं

पशुधन के आनुवंशिक विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए मंत्रालय दो प्रमुख मिशनों का सक्रियता से विस्तार कर रहा है:

  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM): दिसंबर 2014 से लागू इस योजना का उद्देश्य स्वदेशी नस्लों का विकास और संरक्षण करना है।

  • इससे मवेशियों की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार हो रहा है, जिससे दूध उत्पादन बढ़ रहा है और किसानों को अधिक मुनाफा मिल रहा है।

  • राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM): यह मिशन प्रति पशु उत्पादकता, रोजगार सृजन और उद्यमिता विकास पर केंद्रित है। इसके तहत मांस, बकरी का दूध, अंडे और ऊन का उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

  • योजना के तहत एफपीओ (FPO), स्वयं सहायता समूहों (SHG) और संयुक्त देयता समूहों को 50 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी भी दी जाती है।

पशु स्वास्थ्य और तमिलनाडु में विशेष पहल

पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (LHDC) के तहत, सरकार खुरपका एवं मुंहपका (FMD), ब्रुसेलोसिस और स्वाइन फीवर जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता देकर मुफ्त टीकाकरण कर रही है।

तमिलनाडु में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं, जिसके तहत किसानों को घर-घर जाकर पशु चिकित्सा सेवाएं देने के लिए 245 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों (MVU) को साझा आधार पर वित्तीय मदद दी जा रही है।

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