कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर हुए ड्रोन हमले की तस्वीर
कुवैत एयरपोर्ट पर भीषण ड्रोन हमला: 1 भारतीय की मौत, 63 घायल, अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर मंडराया खतरा”
कुवैत सिटी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 (T1) पर एक खौफनाक आत्मघाती ड्रोन हमला हुआ है।
اللحظات الأولى للاعتداء الإيراني الغاشم من قبل المسيرات الذي تعرض له مبنى الركاب T1 في مطار الكويت الدولي بتاريخ 3 يونيو 2026 وتسبب بخسائر بالأرواح وإصابات بشرية بليغة وأضرار مادية جسيمة
The first moments following the brutal Iranian drone attack on Terminal 1 (T1) at Kuwait… pic.twitter.com/eTzQoVXB4K
— الطيران المدني (@Kuwait_DGCA) June 3, 2026
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस भीषण हमले में एक भारतीय नागरिक की दर्दनाक मौत हो गई है और कम से कम 63 अन्य लोग घायल हुए हैं।
इस हमले ने 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच हुए नाजुक युद्धविराम (Ceasefire) को पूरी तरह से खतरे में डाल दिया है।
धमाके से दहल गया टर्मिनल 1, भारी नुकसान
कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने ‘X’ पर घटना का सर्विलांस फुटेज जारी किया है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक मिसाइल या वस्तु टर्मिनल की इमारत से टकराती है, जिससे जोरदार धमाका होता है और छत का एक बड़ा हिस्सा ढह जाता है।
बुनियादी ढांचे को पहुंचे भारी नुकसान के चलते हवाई अड्डे पर परिचालन को कुछ समय के लिए पूरी तरह रोकना पड़ा।
कुवैत की सेना और DGCA ने इसे “ईरान की क्रूर और आपराधिक आक्रामकता” करार दिया है और हमले की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच का संकल्प लिया है।
ईरान ने नकारे आरोप, अमेरिका पर मढ़ा दोष
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि यह तबाही उनके ड्रोन से नहीं, बल्कि अमेरिका निर्मित ‘पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल’ में आई तकनीकी खराबी के कारण हुई है, जो खुद ही टर्मिनल पर गिर गई।
ईरान ने उलटा अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने केशम द्वीप पर एक टैंकर और संचार टावर को निशाना बनाकर यह हालिया टकराव भड़काया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय अलर्ट पर
इस हमले में एक भारतीय नागरिक के मारे जाने की पुष्टि भारत के विदेश मंत्रालय ने की है। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने बयान जारी कर कहा है कि वे कुवैती अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं।
दूतावास द्वारा पीड़ित परिवार को भारत में सभी जरूरी मदद पहुंचाने और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।
इस घटना ने खाड़ी देशों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो अब तक खुद को इस क्षेत्रीय संघर्ष से सुरक्षित मान रहे थे।
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