बांदा कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 33 मासूमों के यौन शोषण मामले में दरिंदे दंपती को फांसी, पीड़ितों को 10-10 लाख का मुआवजा

“बांदा की एक विशेष अदालत ने समाज को झकझोर देने वाले एक जघन्य अपराध में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है”

बांदा : THE POLITICS AGAIN  : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

33 मासूम बच्चों के बाल यौन शोषण मामले में अदालत ने निलंबित अवर अभियंता (JE) रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को दोषी करार देते हुए फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई है। अदालत ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ (दुर्लभतम) श्रेणी का अपराध माना है।

CBI की जांच और पुख्ता सबूत

यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया था जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने करीब पांच साल पहले सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया था।

जांच में यह दिल दहला देने वाला सच सामने आया कि यह दंपती मासूम बच्चों के साथ घिनौनी हरकतें करता था।

इतना ही नहीं, उन्होंने इन कृत्यों के अश्लील वीडियो और तस्वीरें विदेशों में बेचकर लाखों रुपये की काली कमाई भी की।

गिरफ्तारी के दौरान CBI ने इनके घर से लैपटॉप, पेन ड्राइव और मोबाइल फोन जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए थे, जिनमें अपराध से जुड़े अहम और पुख्ता सुराग मिले।

‘दुर्लभतम श्रेणी’ का अपराध

विशेष अदालत ने गवाहों के बयानों और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर अपना फैसला सुनाया। अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपियों ने बच्चों की मासूमियत को तार-तार कर उनके भविष्य को अंधकारमय बना दिया है।

समाज में ऐसे घृणित अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा दी।

पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद का निर्देश

कठोर दंड के साथ-साथ अदालत ने पीड़ित बच्चों के प्रति गहरी संवेदनशीलता भी दिखाई। कोर्ट ने आदेश दिया है कि प्रत्येक पीड़ित बच्चे के परिवार को उनके पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि (मुआवजा) प्रदान की जाए।

💡 जानकारी ही बचाव है: बच्चों की सुरक्षा और कानून (POCSO एक्ट)

इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कानून की जानकारी और सतर्कता बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण बातें:

  1. क्या है POCSO एक्ट? ‘लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम’ (POCSO Act, 2012) 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों (लड़के और लड़कियां दोनों) को यौन उत्पीड़न और शोषण से बचाता है। यह एक बेहद कठोर कानून है, जिसमें मृत्युदंड तक का प्रावधान है।

  2. डिजिटल अपराध पर सख्ती: बच्चों से जुड़ी किसी भी प्रकार की अश्लील सामग्री (CSAM – Child Sexual Abuse Material) को बनाना, अपने पास रखना, देखना या इंटरनेट पर शेयर करना POCSO एक्ट और IT एक्ट दोनों के तहत गंभीर गैर-जमानती अपराध है।

  3. रिपोर्ट करना अनिवार्य है: कानून के मुताबिक, अगर किसी को पता चलता है कि किसी बच्चे का यौन शोषण हो रहा है, तो उसकी सूचना पुलिस को देना अनिवार्य है। सूचना न देना भी अपराध माना जा सकता है।

  4. यहां करें शिकायत (पहचान गुप्त रहेगी):

    • चाइल्डलाइन: 1098 (फ्री हेल्पलाइन)

    • पुलिस आपातकालीन नंबर: 112

    • POCSO ई-बॉक्स: (NCPCR की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत)

    • नोट: शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है।

  5. अभिभावकों की जिम्मेदारी: अपने बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ का अंतर समझाएं। उनके ऑनलाइन व्यवहार पर नजर रखें और एक ऐसा माहौल बनाएं कि वे बिना डरे आपसे हर बात साझा कर सकें।

Santosh SETH

Recent Posts

परिसीमन पर संग्राम: लोकसभा में 850 सीटों का प्रस्ताव आज होगा पेश

परिसीमन पर महासंग्राम: लोकसभा की सीटें 850 करने की तैयारी, सरकार ने दूर की दक्षिण…

1 hour ago

प्रयागराज : पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने 5 यात्रियों को रौंदा, हुई मौत

प्रयागराज में बड़ा रेल हादसा: पटरी पर खड़े 5 यात्रियों को पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने रौंदा,…

8 hours ago

LIVE कर्नाटक: पीएम ने मांड्या में किया श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन

कर्नाटक दौरा: पीएम मोदी ने मांड्या में किया 'श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर' का भव्य उद्घाटन,…

19 hours ago

लखीमपुर खीरी : अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर पुलिस पर पथराव

लखीमपुर खीरी में भड़की भारी हिंसा: अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर उग्र हुई भीड़, पुलिस पर…

19 hours ago

पीएम मोदी ने ‘नारी शक्ति’ को लिखा पत्र, 2029 से महिला आरक्षण लागू करने का दोहराया संकल्प

पीएम मोदी ने 'नारी शक्ति' के नाम लिखा विशेष पत्र: 2029 से लागू होगा महिला…

24 hours ago

रोबोट्स ने सैन्य ठिकाने पर किया कब्जा, सैनिकों ने मशीनों के आगे किया सरेंडर

भविष्य का युद्ध बना हकीकत: यूक्रेन के रोबोट्स और ड्रोन्स ने रूसी सैन्य ठिकाने पर…

1 day ago