हिमाचल समाचार – मंडी में ब्यास से खतरे को देख सुरक्षित जगह शिफ्ट किए 60 से अधिक लोग

“मंडी शहर में ब्यास का का जलस्तर बढ़ने और खतरे को देखते हुए वीरवार को ब्यास के किनारों पर बसे 60 से अधिक लोगाें को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है”

मंडी ०२/०८/२०२४ संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रशासन और नगर निगम ने स्वयं मोर्चा संभाला और इन लोगों को टाउन हॉल, गुरूद्वारा व अन्य स्थानों को शिफ्ट किया। इनमें रघुनाथ का पधर और बाडी गुमाणु के 30 लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है।

वहीं, लोअर भ्यूली में 15 लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। जबकि इंदिरा आवास कालोनी के पांच परिवारों के 15 से अधिक लोगों को भी खतरे को देखते हुए यहां से सुरक्षित स्थान को भेजा गया है।

इन सभी लोगों के रहने खाने पीने की सुविधा टाऊन हॉल और गुरूद्वारे में की गई है। इस दौरान नगर निगम के महापौर विरेंद्र भट्ट स्वयं विभिन्न स्थनों पर पहुंचे।

उन्होंने पंचवक्त्र मंदिर, एकादश रुद्र मंदिर, हनुमान घाट सहित इंदिरा आवास कालोनी व ब्यास के किनारों पर विभिन्न स्थानों पर जाकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया।

इंदिरा आवास कालोनी में वह मौके पर पहुंचे और इन परिवारों को वहां से सुरक्षित स्थान को जाने के लिए कहा। इस पर सभी परिवारों ने अपना सामान वहां से निकाला और ले जाते रहे।

आखिर कब तक इसी तरह झेलते रहेंगे आपदा के दंश

मंडी शहर के पुरानी मंडी स्थित इंदिरा आवास कालोनी के पांच परिवारों ने कहा कि आखिर कब तक वह आपदा के दंश झेलते रहेंगे।

अपनी आपबीती सुनाते हुए शिला देवी, सलिंद्र कौर, देवराज, विमला और सुरेंद्र कुमार ने कहा कि पिछली बरसात ने उन्हें तबाह कर दिया था।

एक साल बाद वह जैसे तैसे वहां पर फिर से रहने लगे थे कि अब फिर से उन्हें यहां से सुरक्षित स्थानों को जाना पड़ेगा। आखिर कब तक वह इसी तरह खतरे में रहेंगे।

बताया कि आज तक सरकार और प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित जमीनें नहीं दी हैं और अगर वह घर बना लेते हैं तो इन जमीनों पर हमेशा ही उनको खतरा बना रहता है।

बताया कि सभी घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जमीन नीचे धंस रही है। डगे टूट रहे हैं और पूरी तरह से वह असुरक्षित हैं।

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