“भारी से भारी बारिश के रेड अलर्ट के बीच रविवार को मंडी और चंबा जिले में बादल फटने से 38 बीघा जमीन और पांच पुल बह गए हैं। चंबा में एक घराट पानी के बहाव में बह गया। हमीरपुर में एक महिला खड्ड में बह गई है। उपमंडल बड़सर में गुरु का बण में शुक्कर खड्ड के किनारे मजदूर पत्थर उठाने का काम कर रहे थे।”
मंडी 07 / 07 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
अचानक खड्ड में पानी बढ़ा और वहां काम कर रही बिहार की रहने वाली किरण (30) बह गईं। देर शाम तक महिला का कोई सुराग नहीं लग पाया है। सुबह बारिश के चलते कांगड़ा हवाई अड्डे पर दो उड़ानें रद्द करनी पड़ी। दोपहर बाद की तीन उड़ानें समयानुसार हुईं। शिमला-नई दिल्ली के लिए हवाई उड़ानें नियमित रूप से चलीं।
मंडी जिले की ग्राम पंचायत शिल्हबधाणी के गांव कोतरंग में शनिवार देर रात बादल फटने से तीन पैदल पुल और एक वाहन योग्य पुल बह गया। कोतरंग के लोगों की नाले के साथ लगती 50 बीघा जमीन भी बह गई है। चंबा के चुराह उपमंडल में रविवार सुबह नौ बजे कठवाड़ नाले में बादल फटा।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद जिला प्रशासन, सेना, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के बचाव दल सोमवार को भी बचाव एवं राहत कार्यों में जुटे हैं।
वहीं रविवार सुबह हल्की बारिश के बाद मौसम साफ हो गया। इस कारण तीन दिन बाद सेना का हेलिकाप्टर जंजैहली में लैंड करने में सफल रहा। भारतीय वायुसेना के हेलिकाप्टर की खनुखली हेलीपैड के लिए पहली उड़ान में 90 राशन किट, 75 कंबल, कपड़ों की 3 पेटियां, आवश्यक दवाओं की दो पेटियों सहित अन्य जरूरी सामान पहुंचाया।
जंजैहली में एक निजी होटल में फंसे 63 पर्यटकों और चालक दल को सुरक्षित निकाला। उन्हें प्रातः करीब 11.00 बजे उन्हें जंजैहली से करसोग की ओर सुरक्षित ढंग से ले जाया गया। अभी तक सराज, नाचन, करसोग में 45 से अधिक लोग लापता हैं। सराज में अभी तक 11 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं।
प्रभावित क्षेत्रों से अब तक विभिन्न माध्यमों से नाै गर्भवती महिलाओं को क्षेत्रीय अस्पताल मंडी और मेडिकल कॉलेज नेरचौक भेजा जा चुका है। एक गर्भवती महिला को जंजैहली से वाया करसोग आईजीएमसी शिमला भेजा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की 10 मोबाइल मेडिकल टीमें जंजैहली, 10 थुनाग और 4 टीमें बगस्याड़ क्षेत्र के प्रभावित गांवों में जाकर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं। आपदा के दौरान फैलने वाले संक्रमण से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक दवाएं वितरित की जा रही हैं।
जिला मंडी में दो एनएच सहित कुल 202 सड़कें बाधित हैं। विद्युत बोर्ड के 236 ट्रांसफार्मर बंद हैं और 278 पेयजल योजनाएं अभी भी बाधित हैं। शनिवार से सड़कों को थुनाग तक बहाल कर प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में कामयाब हुआ है।
सड़क खुलने से सेना और एनडीआरएफ के जवानों ने भी सर्च अभियान छेड़ कर लापता लोगों की तलाश तेज कर दी है। अब तक करीब सौ लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर आश्रय दिया है।
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