हिमाचल : बल्क ड्रग पार्क में मिलेंगे 15 से 20 हजार प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर
“नए रोजगार को लेकर हिमाचल सरकार की एक बड़ी चुनौती को बल्क ड्रग पार्क पूरा करने जा रहा है। ऊना में बनने जा रहे इस पार्क के टेंडर अब एडवांस स्टेज पर हैं और निवेशकों के साथ संपर्क अब शुरू होने वाला है। कई नामी कंपनियां यहां निवेश की इच्छुक हैं”
शिमला 09 / 06 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश वर्तमान में 65 फीसदी से ज्यादा एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स चीन से आयात करता है, जो अब इस पार्क में बनेंगे। बल्क ड्रग पार्क हिमाचल प्रदेश के साइंस स्टूडेंट्स के लिए करियर का एक शानदार अवसर लेकर आ रहा है।
यह परियोजना न केवल फार्मास्यूटिकल उद्योग में देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम है, बल्कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के नए रास्ते भी खोलने जा रही है।
यह परियोजना न केवल व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक और औद्योगिक प्रगति में भी योगदान देगी। बल्क ड्रग पार्क से अनुमानित 15 से 20 हजार प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
यहां फार्मास्यूटिकल, बायो-टेक्नोलॉजी और केमिस्ट्री से संबंधित क्षेत्रों के स्टूडेंट्स के लिए आकर्षक पैकेज वाले विशेष जॉब ऑफर होंगे। बीएससी, एमएससी, फार्मेसी, लैब टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स के लिए भी यहां रोजगार के आकर्षक अवसर होंगे।
उद्योग विभाग का आकलन है कि राज्य में 10000 से ज्यादा साइंस ग्रेजुएट यहां नौकरी पा सकते हैं। ये पार्क साइंस स्टूडेंट्स के लिए सिर्फ एक इंडस्ट्रियल ज़ोन या रोजगार ही नहीं, बल्कि एक शैक्षणिकए व्यावसायिक और नवाचार केंद्र के रूप में उभरेगा।
बल्क ड्रग पार्क परियोजना के चलते राज्य सरकार स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना बना रही है, ताकि वे इस उद्योग में कार्य करने के लिए तैयार हो सकें। बल्क ड्रग पार्क में आधुनिक प्रयोगशालाएं और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
जो विज्ञान के स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप और अनुसंधान के अवसर प्रदान करेंगे। पार्क के विकास से क्षेत्र में नए शैक्षणिक और प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना होगी, जिससे स्टूडेंट्स को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
स्ट्रैटेजिक पार्टनर है हिमाचल सरकार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस पार्क में स्ट्रैटेजिक पार्टनर के तौर पर राज्य सरकार को शामिल किया है, जबकि पहले भारत सरकार को सौंपी गई डीपीआर में प्राइवेट सेक्टर से स्ट्रैटेजिक पार्टनर लेने का प्रावधान था।
क्योंकि अब राज्य सरकार खुद इस पार्क में हिस्सेदार है, इसलिए नौकरी से संबंधित विषयों पर भी सरकार का नियंत्रण होगा। इससे हिमाचल के युवाओं को यहां प्राथमिकता से रोजगार मिल पाएगा।
इन्नोवेशन के साथ रिसर्च का मौका
बल्क ड्रग पार्क न सिर्फ देश को फार्मा सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि बीएससी, एमएससी, फार्मेसी और बायो-टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स के लिए रोजगार, प्रशिक्षण और अनुसंधान के बेहतरीन अवसर भी प्रदान करेगा।
राज्य सरकार यहां युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दे रही है। इसके अलावा पार्क में अत्याधुनिक लैब, इंटर्नशिप और स्टार्टअप को बढ़ावा देने वाली सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।











