बद्दी में पकड़ी गई फर्जी फार्मा कंपनी से बरामद जाली दवा लाइसेंस और दस्तावेज

हिमाचल / बद्दी: फर्जी फार्मा कंपनी, जाली लाइसेंस के साथ एक गिरफ्तार

बद्दी में फर्जी फार्मा कंपनी का भंडाफोड़: जाली दवा लाइसेंस पर चल रहा था करोड़ों का खेल, मास्टरमाइंड गिरफ्तार”

बद्दी/कैथल: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। हिमाचल प्रदेश औषधि नियंत्रण प्रशासन और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार रात बद्दी के शीतलपुर क्षेत्र में छापेमारी कर एक फर्जी फार्मा कंपनी चलाने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है।

 

पकड़े गए आरोपी की पहचान अजय कुमार के रूप में हुई है। वह जाली दवा निर्माण लाइसेंस और नकली प्रमाणपत्रों के जरिए खुद को वैध दवा निर्माता बताकर देश भर के कारोबारियों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।

गिरफ्तारी के बाद हरियाणा पुलिस आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ कैथल ले गई है।

‘डॉ. ट्रस्टमेड’ के नाम से चल रहा था फर्जीवाड़ा

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी अजय कुमार मूल रूप से हिमाचल के कांगड़ा का रहने वाला है, जबकि उसके आधार कार्ड पर वर्तमान पता बद्दी का दर्ज है। वह बद्दी के शीतलपुर में एक अवैध कार्यालय चला रहा था।

  • फर्जी कंपनी: आरोपी मैसर्ज डॉ. ट्रस्टमेड (Dr. Trustmed) के नाम से एक फर्जी फार्मा कंपनी का संचालन कर रहा था।

  • जाली दस्तावेज: लोगों को भरोसे में लेने के लिए उसने जाली दवा निर्माण लाइसेंस, नकली जीएमपी (GMP) और जीएलपी (GLP) प्रमाणपत्र तैयार कर रखे थे।

  • महिला स्टाफ से कॉलिंग: ठगी के इस नेटवर्क को चलाने के लिए उसने एक महिला कर्मचारी को काम पर रखा था, जो विभिन्न राज्यों के दवा खरीदारों से फोन पर संपर्क कर दवाओं के बड़े ऑर्डर बुक करती थी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से ये सभी फर्जी दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद कर ली है।

ऐसे हुआ इस बड़े घोटाले का खुलासा

इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ जब हरियाणा के कैथल और पंजाब के जीरकपुर के दो दवा खरीदारों ने इस फर्जी कंपनी को करीब डेढ़ लाख रुपये का ऑर्डर दिया।

आरोपी ने एडवांस भुगतान तो ले लिया, लेकिन लंबे समय तक दवाओं की कोई आपूर्ति नहीं की।

ठगे जाने का अहसास होने पर कैथल के कारोबारी ने साइबर पुलिस थाना कैथल में मामले की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलते ही हरियाणा पुलिस हरकत में आई और हिमाचल के राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन से संपर्क साधा, जिसके बाद बुधवार रात यह संयुक्त कार्रवाई की गई।

ड्रग कंट्रोलर का बयान और आगे की कार्रवाई

राज्य औषधि नियंत्रक मनीष कपूर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बद्दी में फर्जी फार्मा कंपनी संचालित किए जाने की पुख्ता सूचना मिलने पर यह संयुक्त अभियान चलाया गया था।

आरोपी को पकड़कर कानूनी कार्रवाई के लिए हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस और जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह महज एक मामला है; इस मास्टरमाइंड ने इसी तरह जाली प्रमाणपत्रों का झांसा देकर देशभर के कई अन्य दवा कारोबारियों को भी अपना शिकार बनाया होगा। रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।