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हिमाचल : अब तक 51 की मौत, कई लापता… हिमाचल में सैलाब का कहर

“हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने से तबाही मची है। मंडी जिले में बादल फटने से 10 लोगों की मौत हो गई और 30 लापता हैं। राज्य में मूसलाधार बारिश बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 51 लोगों की जान चली गई है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में अभी तक 500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है”

मंडी 02 / 07 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मंडी जिले में मंगलवार को बादल फटने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। गोहर, करसोग, थुनाग व धर्मपुर उपमंडल में सात स्थानों पर बादल फटने से मकान जमींदोज होने व बाढ़ के पानी में बहने से 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 लोग लापता हैं। गोहर उपमंडल में पांच, सराज में चार व करसोग में एक व्यक्ति की मौत हुई है।

ग्रामीणों व प्रशासन ने 132 लोगों बचाया है। वहीं, नए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 51 लोगों की जान चली गई है और 22 अन्य लापता हैं।

हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग के तहत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) ने 20 जून से 1 जुलाई तक की अवधि को कवर करते हुए 2 जुलाई को एक संचयी क्षति आकलन रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में राज्य के 12 जिलों में मानव जीवन, निजी संपत्तियों, पशुधन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को हुए महत्वपूर्ण नुकसान का खुलासा किया गया है।

एसईओसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अब तक कई कारणों से कुल 51 मौतें हुई हैं, जिनमें अचानक बाढ़, डूबना, भूस्खलन, बिजली गिरना और सड़क दुर्घटनाएं शामिल हैं। वहीं, कई लोग लापता है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मानसून से संबंधित घटनाओं में 103 लोग घायल हुए हैं। संपत्ति और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान राज्य ने 204 घरों को नुकसान पहुंचने की सूचना दी है, जिनमें से 22 पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में अभी तक 500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। नुकसान और भी बढ़ सकता है। जहां पर नुकसान हुआ है वहां राहत और पुनर्वास में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार आपदा की घड़ी में लोगों के साथ खड़ी है और हर स्थिति से निपटने का हरसंभव प्रयास कर रही है।

लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, बिजली आपूर्ति हो या सड़क सुविधा सुचारू हो, इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है।मंगलवार को नादौन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आपदा से पीड़ित 287 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।

और जो आपदा के दौरान लापता हुए हैं, उन्हें ढूंढने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए एनडीआरएफ की टीम में पुलिस बटालियन और होमगार्ड की टीमें नियुक्त की गई है।

Santosh SETH

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