Heavy Rain and Flash Floods Wreak Havoc in Arunachal Pradesh
अरुणाचल प्रदेश में कुदरत का कहर: बादल फटने जैसी बारिश से भारी तबाही, बहे पुल और डूबे गांव”
ईटानगर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में कुदरत ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। राज्य में भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।
इसका सबसे ज्यादा असर निचले सुबनसिरी और केयी पन्योर जिलों में देखने को मिला है, जहां मूसलाधार बारिश के कारण कई गांव पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं।
बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को भारी नुकसान पहुंचा है और मुख्य हाईवे पुल पानी के तेज बहाव में बह गया है।
अचानक आई इस भीषण बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह 6:30 बजे के तुरंत बाद बाढ़ का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों में घुसने लगा। नुकसान के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
बाढ़ का यह कहर केवल गांवों तक ही सीमित नहीं रहा। केयी पन्योर ज़िले के याज़ाली स्थित पोसा में ‘NEEPCO’ कॉलोनी में नदियों का जलस्तर बढ़ने से भारी तबाही हुई है।
शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, पानी के तेज बहाव में 15 रिहायशी क्वार्टर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इसके अलावा, इलाके को जोड़ने वाला एक मुख्य हाईवे पुल भी बह गया है, जिससे कई क्षेत्रों का सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह तबाही कई दिनों की लगातार बारिश का परिणाम नहीं है, बल्कि मात्र 3 घंटे (सुबह 6 से 9 बजे) के भीतर हुई अत्यधिक और तेज बारिश के कारण हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों ने इसे ‘बादल फटने जैसी घटना’ करार दिया है। पूर्वी हिमालय के ऊबड़-खाबड़ इलाकों में जब बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होती है, तो पानी तेजी से पहाड़ों की ढलानों से होकर नालों और नदियों में पहुंचता है। इसी अचानक जल प्रवाह के कारण ‘फ्लैश फ्लड’ (अचानक बाढ़) के हालात पैदा हो गए।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। पानी से पूरी तरह संतृप्त हो चुकी मिट्टी, उफान पर बहती नदियों और लगातार सक्रिय मानसून के कारण अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बरकरार है।
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने की अपील की है। विस्तृत नुकसान की रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है।
चावल की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार का बड़ा 'एक्शन': व्यापारियों के लिए…
कैंसर के मरीजों के लिए बड़ी राहत: 137 जीवनरक्षक दवाएं हुईं 70% तक सस्ती, सरकार…
जौनपुर 'दिशा' समिति की बैठक: विकास कार्यों की हुई गहन समीक्षा, सांसद बाबू सिंह कुशवाहा…
जौनपुर के किसानों के लिए खुशखबरी: उद्यान विभाग ने 200 कृषकों को बांटे 'मुफ्त प्याज…
जौनपुर रोजगार मेला: युवाओं के सपनों को मिली उड़ान, 22 कंपनियों ने 589 अभ्यर्थियों को…
प्रकाश का पर्व या सांसों का संकट? दिवाली पर प्रदूषण और उस पर होती 'सियासत'…