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भारी बारिश: J&K, असम और नागालैंड में ‘इंट्रा-सर्कल रोमिंग’ (ICR) शुरू

भारी बारिश और भूस्खलन के बीच DoT का बड़ा फैसला: J&K, असम और नागालैंड में ‘इंट्रा-सर्कल रोमिंग’ (ICR) शुरू”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन के कारण संचार नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

 

आपदा के इस समय में लोगों और राहत टीमों के बीच संपर्क न टूटे, इसके लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक त्वरित और बेहद अहम कदम उठाया है।

DoT ने अपने आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय करते हुए जम्मू-कश्मीर, असम और नागालैंड के आपदा प्रभावित जिलों में इंट्रा-सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा तुरंत प्रभाव से शुरू कर दी है।

इसके लिए सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टेलीकॉम ऑपरेटर्स) को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

इन जिलों में लागू हुई ICR सुविधा

दूरसंचार विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निम्नलिखित 3 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के इन प्रभावित जिलों में यह सुविधा दी जा रही है:

  • जम्मू और कश्मीर: पुंछ और राजौरी

  • असम: शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट

  • नागालैंड: मोन (Mon)

क्या है इंट्रा-सर्कल रोमिंग (ICR) और इसके फायदे?

इंट्रा-सर्कल रोमिंग (ICR) एक ऐसी विशेष दूरसंचार व्यवस्था है, जिसके तहत कोई भी मोबाइल ग्राहक अपने क्षेत्र में किसी ‘अन्य’ ऑपरेटर के नेटवर्क से अपने आप जुड़ सकता है।

आसान शब्दों में समझें तो, अगर आपदा के कारण आपके ऑपरेटर (जैसे Jio, Airtel, VI आदि) का टावर काम नहीं कर रहा है, तो आपका मोबाइल फोन उस इलाके में उपलब्ध किसी दूसरे चालू नेटवर्क को पकड़ लेगा।

इस सुविधा से आपदा प्रभावित निवासियों, स्वास्थ्य कर्मियों, और राहत एवं बचाव कार्यों (NDRF/SDRF) में जुटी एजेंसियों को निर्बाध संचार करने में भारी मदद मिलेगी।

देश के अन्य हिस्सों से इन जिलों में आने वाले ग्राहकों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा।

अपने फोन में ICR का उपयोग कैसे करें?

आपदा के समय इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए मोबाइल उपयोगकर्ताओं को अपने फोन की सेटिंग्स में कुछ सामान्य बदलाव करने होंगे:

  • अपने स्मार्टफोन की नेटवर्क सेटिंग्स में जाएं और “स्वचालित नेटवर्क चयन” (Automatic Network Selection) के विकल्प को ‘ON’ (चालू) रखें।

  • यदि नेटवर्क अपने आप (ऑटोमैटिक) कनेक्ट नहीं होता है, तो फोन की Settings > Mobile Network > Network Operator पर जाएं।

  • यहां सर्च करके उस इलाके में उपलब्ध किसी भी अन्य नेटवर्क को मैनुअल रूप (Manually) से चुनें।

दूरसंचार विभाग (DoT) अपनी फील्ड इकाइयों के जरिए हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है और नेटवर्क की जल्द बहाली के लिए सभी टेलीकॉम कंपनियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।

Santosh SETH

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