हरियाणा – निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए

 

“निर्वाचन आयोग ने  विधानसभा आम चुनाव  के मद्देनजर  उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक अनुपालन किया जाना आवश्यक है”

चंडीगढ़  27 / 08 / 2024 (शब्द) प्रभात कुमार की रिपोर्ट 

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी  पंकज अग्रवाल ने  बताया कि चुनाव के दौरान इन दिशा निर्देशों में कहा गया है कि राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों द्वारा अन्य राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की आलोचना केवल उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, पिछले रिकॉर्ड और कार्यों तक ही सीमित रखनी होगी।

सभी दलों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सार्वजनिक स्थानों जैसे मैदान और हेलीपैड निष्पक्ष रूप से उपलब्ध करवाया जाना आवश्यक होगा।  

श्री  अग्रवाल ने बताया कि उमीदवारों  को प्रस्तावित बैठक के समय व स्थान की आवश्यक अनुमति समय रहते सही तरीके से लेनी होगी और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को सूचित करना होगा, ताकि बैठकों में गड़बड़ी या अव्यवस्था पैदा करने वाले व्यक्तियों से निपटने में पुलिस की मदद मिल सके।

प्रस्तावित बैठक के स्थान पर यदि कोई प्रतिबंधात्मक या निषेधात्मक आदेश लागू है तो उनका सम्मान करना होगा।

इसी प्रकार, प्रस्तावित बैठकों के लिए लाउडस्पीकर या ऐसी किसी अन्य सुविधा के उपयोग के लिए अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।  

उन्होंने कहा कि किसी भी चुनावी यात्रा को शुरू करने और समाप्त करने के समय व स्थान तथा मार्ग को अग्रिम रूप से अंतिम रूप देना होगा और पुलिस अधिकारियों से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी।

यह भी ध्यान रखना होगा कि चुनावी यात्रा से  यातायात  बाधित न हो। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि  वाहनों पर रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकरों के  उपयोग की अनुमति  नहीं है। 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव में लगे सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बैज या पहचान पत्र दिखाना होगा।

मतदाताओं को जारी अनौपचारिक पहचान पर्ची सादे  कागज पर दी जा सकती है, जिस पर पार्टी का  नाम, निशान और  उम्मीदवार का नाम न हो ।

इसके अलावा, प्रचार अभियान की अवधि के दौरान और मतदान के दिन वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध का पूरी तरह से पालन करना होगा।

चुनाव के संचालन के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या को निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक, रिटर्निंग अधिकारी, जोनल अथवा सेक्टर मजिस्ट्रेट, मुख्य निर्वाचन अधिकारी या  निर्वाचन आयोग के संज्ञान में लाया जा सकता है। 

श्री पंकज अग्रवाल ने बताया कि चुनाव के विभिन्न पहलुओं से संबंधित सभी मामलों में निर्वाचन आयोग या रिटर्निंग ऑफिसर या जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश या दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन किया जाना चाहिए।

चुनाव प्रचार अवधि के समाप्त होने के उपरांत, यदि कोई व्यक्ति, मतदाता या चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार या उम्मीदवार का चुनाव एजेंट नहीं है तो उस व्यक्ति को संबंधित निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ना होगा।

श्री अग्रवाल ने बताया कि किसी भी आधिकारिक काम को चुनाव प्रचार या चुनावी गतिविधियों के साथ न जोड़ा  जाए और वित्तीय या अन्य किसी प्रकार का कोई प्रलोभन मतदाता को न दिया जाए। 

मतदाताओं की जाति या सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर कोई अपील, मौजूदा मतभेदों को बढ़ाने वाली कोई  गतिविधि  या विभिन्न जातियों, समुदायों, धार्मिक और भाषायी समूहों के बीच आपसी द्वेष या तनाव पैदा  करने वाली कोई  गतिविधि न की जाए। 

इसके अलावा आयोग ने  चुनाव की पवित्रता व पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों को  नकद लेन-देन से बचने  और उम्मीदवारों, एजेंट, कर्मियों और पदाधिकारियों को  चुनाव के दौरान  बड़ी मात्रा में नगद राशि अपने साथ न रखने की सलाह दी है।

इसके अलावा, अन्य राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों द्वारा आयोजित सार्वजनिक बैठकों या यात्रा  में बाधा डालने और उनके  पोस्टरों को हटाने  या विकृत किए जाने की मनाही  है ।