गुजरात – भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सात लोग बहे, IMD का अलर्ट जारी

“मोरबी जिले में एनडीआरएफ द्वारा एक खोज अभियान चलाया जा रहा है, ताकि सात व्यक्तियों का पता लगाया जा सके, जो नदी पर बाढ़ वाले पुल को पार करते समय अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ बह गए थे”

अहमदाबाद 27 / 08 / 2024 रश्मि चौधरी की रिपोर्ट 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को चेतावनी जारी की कि गुजरात में अगले 2-3 दिनों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होगी। पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण गुजरात के कई इलाकों में बाढ़ आ गई है, जिससे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। खास तौर पर नवसारी में भयंकर बाढ़ आई है, जिसके कारण आईएमडी ने 26 अगस्त को जिले के लिए “रेड अलर्ट” जारी किया है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अधिकारियों को निचले इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया है। उनके कार्यालय ने बताया कि भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में दक्षिण गुजरात के वलसाड, तापी, नवसारी, सूरत, नर्मदा और पंचमहल शामिल हैं।

गुजरात में ऐसे हैं हालात

– मोरबी जिले में एनडीआरएफ द्वारा एक खोज अभियान चलाया जा रहा है, ताकि सात व्यक्तियों का पता लगाया जा सके, जो नदी पर बाढ़ वाले पुल को पार करते समय अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ बह गए थे।

– राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के आंकड़ों के अनुसार, नवसारी जिले के खेरगाम तालुका में सोमवार सुबह 6 बजे तक पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 356 मिमी बारिश दर्ज की गई।

– जिन अन्य जिलों में 100 मिमी से अधिक वर्षा हुई उनमें नर्मदा, सौराष्ट्र, राजकोट, तापी, महिसागर, मोरबी, दाहोद और वडोदरा शामिल हैं।

– गुजरात के मुख्य सचिव ने प्रशासन को सलाह दी है कि वे उन क्षेत्रों में सतर्क रहें जहां श्रावण मास के दौरान आगामी त्योहारों के कारण बड़ी भीड़ आने की संभावना है।

– बारिश के मौजूदा दौर के साथ, दक्षिण गुजरात के जिलों में अब तक औसत वार्षिक वर्षा का 105 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है, जो राज्य में सबसे अधिक है।

– दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के आठ जिलों में औसत वार्षिक वर्षा का 100 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है।

– जलग्रहण क्षेत्रों में वर्षा के कारण सरदार सरोवर नर्मदा बांध का जलस्तर उल्लेखनीय रूप से बढ़कर 135.30 मीटर हो गया है।

– गुजरात के 206 जलाशयों में 3.64 लाख मिलियन क्यूबिक फीट पानी है, जो उनकी कुल क्षमता का 65 प्रतिशत है।

– जल स्तर में भारी वृद्धि के कारण 72 जलाशयों को हाई अलर्ट पर तथा 15 को नियमित अलर्ट पर रखा गया।

– स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बाढ़ के कारण बंद सड़कें तुरंत बहाल की जाएं और बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित न हो।

Santosh SETH

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