The Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) has issued a notice to FMCG giant Dabur India to stop selling products like honey and ghee with 100 percent purity claims.
बड़ा झटका: FSSAI ने डाबर के ‘100% शुद्धता’ के दावों पर लगाई रोक, शहद और घी सहित कई उत्पादों की लेबलिंग पर एक्शन”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश के प्रमुख फूड रेगुलेटर, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने जाने-माने एफएमसीजी (FMCG) ब्रांड डाबर इंडिया (Dabur India) को एक बड़ा झटका दिया है।
FSSAI has issued a Prohibition Order directing M/s Dabur India Limited to immediately cease the sale of food products carrying misleading “100%” claims.#FSSAINotice #FSSAIAction pic.twitter.com/7GdNRUJFyh
— FSSAI (@fssaiindia) August 3, 2026
FSSAI ने डाबर को अपने शहद, गाय के घी और खाद्य तेलों जैसे कई उत्पादों को ‘100 प्रतिशत’ (100%) के दावे के साथ बेचने से रोक दिया है।
रेगुलेटर का स्पष्ट कहना है कि इस तरह की भ्रामक लेबलिंग सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन है।
FSSAI ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी गई जानकारी में बताया कि डाबर इंडिया लिमिटेड को ‘100 प्रतिशत’ दावे वाले फूड प्रॉडक्ट्स की बिक्री तुरंत रोकने का आदेश जारी किया गया है। इन विवादित फूड प्रॉडक्ट्स में मुख्य रूप से शामिल हैं:
डाबर शहद (Honey)
गाय का घी
सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)
वर्जिन कोकोनट ऑयल और तिल का तेल
नारियल पानी और नारियल का दूध
रेगुलेटर ने अपनी जांच में पाया कि डाबर की वेबसाइट और पैकेजिंग पर बेचे जा रहे इन उत्पादों में ‘100% नेचुरल’, ‘100% प्योर’, ‘100% प्योरिटी की गारंटी’, ‘100% ऑर्गेनिक’ और ‘100% कोकोनट वॉटर’ जैसे दावे किए जा रहे थे।
FSSAI ने स्पष्ट किया कि ‘100 प्रतिशत’ दावों का यह इस्तेमाल ‘एफएसएस (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018’ का सीधा उल्लंघन है।
ऐसे दावे पूरी तरह से अस्पष्ट और अप्रामाणिक हैं, जिनका उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुमराह करना हो सकता है।
गौरतलब है कि FSSAI ने इस साल मई 2025 में ही पूरी फूड इंडस्ट्री के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की थी।
इसमें सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों को चेतावनी दी गई थी कि वे लेबल, पैकेजिंग और प्रमोशन के दौरान “100 प्रतिशत” जैसे शब्दों का इस्तेमाल न करें।
रेगुलेटर के अनुसार, मौजूदा नियमों में इस शब्द की कोई वैज्ञानिक परिभाषा नहीं है और इससे किसी उत्पाद के पूरी तरह शुद्ध होने की गलतफहमी पैदा होती है।
इस नोटिस के बाद सरकारी न्यूज एजेंसी को दी गई अपनी प्रतिक्रिया में डाबर इंडिया ने कहा है, ”हमें एफएसएसएआई का नोटिस प्राप्त हो गया है और हम नोटिस में उल्लिखित सभी बातों की कानूनी और तकनीकी जांच कर रहे हैं।”
बता दें कि FSSAI इन दिनों खाद्य उत्पादों की लेबलिंग में भ्रामक दावों के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी मुहिम चला रहा है।
डाबर से पहले फूड रेगुलेटर ने एनर्जी ड्रिंक बनाने वाली कंपनियों, वेस्टेंड एग्रो प्रोडक्ट्स और स्विगी इंस्टामार्ट जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है।
दिल्ली के कश्मीरी गेट में खौफनाक वारदात: लूटपाट के विरोध पर ई-रिक्शा सवार युवक की…
यूपी में मानसून का रिवर्स गियर: 13 जिलों में अति भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट',…
ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का शंखनाद: अमित शाह करेंगे उद्घाटन, 85 देशों…
एशियन गेम्स 2026: 5वें दिन भारत ने जीते 5 मेडल, एथलेटिक्स में सीमा ने 16…
स्लीपर बसों में अग्निकांड: मौत के सफर में तब्दील होतीं रात की यात्राएं और सुरक्षा…
'चक्रवात अर्नब' का तांडव: ओडिशा और आंध्र तटों से टकराया तूफान, जनजीवन अस्त-व्यस्त; 22 राज्यों…