छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसे हालात: सभी स्कूल बंद, सीएम ने दिए बचाव के निर्देश
छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश से बाढ़ के हालात: प्रदेश के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित, सीएम विष्णु देव साय ने कलेक्टरों को दिए हाई अलर्ट के निर्देश”
रायपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : कृष्णा सोनी की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदी-नालों के उफान पर आने से कई जिलों में बाढ़ जैसे गंभीर हालात पैदा हो गए हैं।
बिगड़ते मौसम और जलभराव के खतरे के बीच छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए राज्य सरकार ने शनिवार को प्रदेश के सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर यह जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि नदियों के जलस्तर में कमी आने और स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही नियमित कक्षाएं दोबारा शुरू की जाएंगी।
बस्तर संभाग सहित सभी कलेक्टरों को सीएम के सख्त निर्देश
शुक्रवार को हुई भारी बारिश के कारण राज्य के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं और बस्तर संभाग (जिसमें सात जिले शामिल हैं) के कई दूर-दराज के गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को पूरी सतर्कता के साथ राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं।
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त्वरित मदद: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रभावित इलाकों में जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए।
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आपसी तालमेल: जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निकायों और पंचायतों को आपसी समन्वय से काम करने और निचले इलाकों व नदी किनारे बसी बस्तियों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
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राहत शिविर: प्रशासन को सुरक्षित आश्रय स्थलों (शेल्टर होम), भोजन, शुद्ध पेयजल, जीवनरक्षक दवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोंडागांव में दर्दनाक हादसा: नाले में डूबने से किसान की मौत
इस बीच, भारी बारिश के चलते कोंडागांव जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। शुक्रवार को पानी से लबालब भरे धान के खेत में मछली पकड़ते समय 40 वर्षीय एक किसान तेज बहाव की चपेट में आकर उफनते नाले में गिर गया, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई।
मानसून का मीटर: बलरामपुर और नारायणपुर में रिकॉर्डतोड़ बारिश
मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में अकेले पिछले 24 घंटों में औसतन 52.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
वहीं, 1 जून से 25 सितंबर के बीच राज्य में कुल 1,082.4 मिमी औसत बारिश हो चुकी है, जो पिछले 10 वर्षों के मौसमी औसत (1,081.5 मिमी) का 100.1 प्रतिशत है।
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सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले: मौसमी औसत के मुकाबले बलरामपुर में सबसे अधिक 169.4 प्रतिशत (1,527.7 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि कुल बारिश के मामले में नारायणपुर 1,600.4 मिमी के साथ शीर्ष पर है।
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बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और राजनांदगांव में बारिश सामान्य के करीब रही है।
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इन जिलों में सामान्य से कम बारिश: प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश औसत से कम भी रही है। इनमें बेमेतरा (74.5%), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (74.7%), सरगुजा (75.5%), कांकेर (75.9%), बीजापुर (78.7%), जशपुर (79.7%) और कबीरधाम (82.2%) शामिल हैं।











