सावन का पहला सोमवार: काशी में यादव बंधुओं की जलाभिषेक यात्रा तैयार
सावन का पहला सोमवार: काशी में गूंज रहा ‘हर-हर महादेव’, 40 हजार यादव बंधु करेंगे ऐतिहासिक जलाभिषेक”
वाराणसी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
सावन महीने की शुरुआत के साथ ही देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी शिवभक्तों के ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान हो गई है।
सावन के पहले सोमवार को लेकर बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ, मार्कंडेय महादेव समेत शहर के तमाम प्रमुख शिवालयों में दर्शन-पूजन और जलाभिषेक की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
रविवार से ही विश्वनाथ धाम और अन्य शिवालयों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं।
सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिरों के बाहर मजबूत बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी गई हैं।
94 वर्षों की परंपरा: यादव बंधुओं की भव्य जलाभिषेक यात्रा
सावन के पहले सोमवार का मुख्य आकर्षण चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के बैनर तले यादव बंधुओं द्वारा निकाली जाने वाली ऐतिहासिक जलाभिषेक यात्रा है।
-
यह इस अनूठी परंपरा का 94वां वर्ष है। इस यात्रा की शुरुआत स्व. भोला सरदार और स्व. चुनी सरदार ने की थी।
-
इस साल 40 हजार से अधिक यादव बंधु 17 किलोमीटर की लंबी पदयात्रा कर बाबा विश्वनाथ समेत काशी के सात शिवालयों और दो देवालयों में जलाभिषेक करेंगे।
-
समिति के अध्यक्ष लालजी चंद्रवंशी ने बताया कि मणिकर्णिका घाट से जल लेकर पश्चिमी द्वार (सिंहद्वार) से होते हुए श्रद्धालु ढुंढ़ीराज गेट के रास्ते श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचेंगे।
-
मंदिर प्रशासन ने विशेष रूप से 21 लोगों को गर्भगृह में जाकर जलाभिषेक करने की अनुमति दी है।
यह रहेगा जलाभिषेक यात्रा का पूरा रूट
यात्रा की शुरुआत सुबह 7:30 बजे केदार घाट से होगी।
-
सबसे पहले गौरी-केदारेश्वर महादेव का जलाभिषेक होगा।
-
इसके बाद तिलभांडेश्वर महादेव में दर्शन होंगे।
-
फिर श्रद्धालु शीतला घाट पहुंचकर जल भरेंगे और माता शीतला व मान मंदिर घाट स्थित अहिलेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे।
-
इसके बाद श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, महामृत्युंजय महादेव, त्रिलोचन महादेव और ओंकारेश्वर महादेव में जलाभिषेक होगा।
-
अंत में लाटभैरव बाबा का जलाभिषेक कर इस 17 किमी लंबी यात्रा का समापन होगा।
प्रशासन और पुलिस मुस्तैद, कांवड़ियों के लिए रिजर्व लेन
वाराणसी पुलिस आयुक्त (CP) मोहित अग्रवाल ने शनिवार शाम मिर्जामुराद के गुड़िया सीमा (कछवां रोड) से लहरतारा तक के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
-
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा या यातायात में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-
प्रयागराज से मोहनसराय तक कांवड़ियों के लिए एक लेन पूरी तरह आरक्षित कर दी गई है। इसमें अन्य वाहनों का प्रवेश वर्जित है।
-
चौबेपुर के मार्कंडेय महादेव मंदिर में भी भीड़ को देखते हुए डीसीपी प्रमोद कुमार और एडीसीपी लिपि नगायच ने गंगा-गोमती संगम और घाटों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
-
शहर के विभिन्न हिस्सों (चितरंजन पार्क, लक्सा, महमूरगंज आदि) में कांवड़ियों के लिए विशेष शिविर भी लगाए गए हैं।











