Devotees offering prayers and performing Jalabhishek at Shiva temples on the first Monday of Sawan.

सावन का पहला सोमवार: महाकाल से काशी विश्वनाथ तक उमड़े श्रद्धालु

सावन का पहला सोमवार: शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, महाकाल से लेकर काशी तक गूंजा ‘हर-हर महादेव’

नई दिल्ली:  द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

सावन महीने के पहले सोमवार के अवसर पर आज देश भर के शिव मंदिरों में तड़के सुबह से ही आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है।

 

देवाधिदेव महादेव को जल और बेलपत्र अर्पित करने के लिए शिवालयों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। पूरे देश के मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंज रहे हैं।

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ और देवघर के बाबा धाम समेत हर छोटे-बड़े मंदिर का माहौल पूरी तरह से शिवमय हो गया है।

उज्जैन के महाकालेश्वर: रात 2:30 बजे खुले पट, हुई भस्म आरती

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालु रविवार देर रात से ही कतारों में लग गए थे।

  • रात्रि 2:30 बजे मंदिर के पट खोले गए और 3:00 बजे बाबा महाकाल की भस्म आरती शुरू हुई।

  • भस्म आरती से पहले बाबा को जल से स्नान कराकर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रसों से ‘महा पंचामृत अभिषेक’ किया गया।

  • इसके बाद भांग और चंदन से आकर्षक श्रृंगार कर उन्हें वस्त्र और भस्म धारण कराई गई।

  • आज शाम को राजा महाकाल की पारंपरिक सवारी भी निकाली जाएगी। मान्यता है कि भगवान शिव अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं, जिसके दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु सड़कों पर घंटों इंतजार करते हैं।

काशी विश्वनाथ धाम: कांवड़ियों पर हुई पुष्पवर्षा

वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ धाम में भी सावन के पहले सोमवार पर अद्भुत नजारा देखने को मिला।

  • जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से पहुंचे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का मंदिर प्रशासन ने फूल बरसाकर (पुष्पवर्षा) भव्य स्वागत किया।

  • मंगला आरती के बाद से ही भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। मैदागिन से चौक होते हुए गेट नंबर 4 सिल्को गली और गेट नंबर 4-A के रास्ते, वहीं गोदौलिया से ढूंढीराज गेट नंबर 1 के रास्ते भक्त निरंतर मंदिर परिसर में प्रवेश कर रहे हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए वाराणसी पुलिस हाई अलर्ट पर है।

देवघर और गाजियाबाद में भी शिवभक्तों का तांता

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए लाखों की भीड़ उमड़ी है। सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर करीब 100 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर कांवड़िए यहां पहुंचते हैं। प्रशासन ने जलार्पण के लिए अतिरिक्त अर्घा और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की है।

वहीं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर में भी तड़के से भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं।