पाक-अफगान बॉर्डर पर भीषण जंग: 'ऑपरेशन गजब-उल-हक' में 352 तालिबानी लड़ाकों को मारने का दावा | The Politics Again
महायुद्ध की ओर पाक-अफगान सीमा? ‘ऑपरेशन गजब-उल-हक’ में 352 तालिबानियों के खात्मे का दावा, अमेरिका ने दिया पाकिस्तान का साथ
द पॉलिटिक्स अगेन डेस्क | 1 मार्च 2026 | संतोष सेठ की रिपोर्ट
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी खूनी संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
दोनों देशों के बीच बढ़ता यह सैन्य टकराव न सिर्फ दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भारी चिंता का विषय बन गया है, बल्कि कूटनीतिक रिश्तों पर भी इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
इसी बीच पाकिस्तान ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने सीमा पर ‘ऑपरेशन गजब-उल-हक’ (Operation Ghazab-ul-Haq) के तहत हवाई और जमीनी कार्रवाई कर 352 अफगान तालिबान लड़ाकों और उनके सहयोगी आतंकियों को मार गिराया है।
पाकिस्तान का दावा: 130 चौकियां और 171 टैंक किए तबाह
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने इस सैन्य अभियान की जानकारी देते हुए बड़े आंकड़े पेश किए हैं। उन्होंने बताया कि इस भीषण कार्रवाई में:
अब तक 352 तालिबान सदस्य मारे गए हैं और 535 घायल हुए हैं।
पाकिस्तानी सेना ने 130 सैन्य चौकियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है और 26 सीमा चौकियों पर कब्जा कर लिया है।
तालिबान के 171 टैंक और बख्तरबंद वाहन तबाह कर दिए गए हैं।
सेना ने आतंकियों के 41 ठिकानों पर सटीक हवाई हमले (Airstrikes) किए हैं।
क्या है पाकिस्तान का ‘ऑपरेशन गजब-उल-हक’?
पाकिस्तान का कहना है कि यह एक जवाबी कार्रवाई है, जिसे ‘ऑपरेशन ग़ज़ब-उल-हक’ नाम दिया गया है।
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, अफगान पक्ष ने 2,600 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन (बॉर्डर) पर 53 जगहों पर एक साथ हमला किया था, जिसके जवाब में यह आक्रामक ऑपरेशन लॉन्च किया गया।
सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने अफगान तालिबान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “तालिबान को यह तय करना होगा कि वह पाकिस्तान का साथ देगा या आतंकी संगठनों का। हमारे लिए देश की सुरक्षा सबसे पहले है।”
बता दें कि पाकिस्तान लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि अफगान तालिबान अपनी जमीन का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA), दाएश और अल-कायदा जैसे संगठनों को करने दे रहा है। हालांकि, काबुल इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
पाकिस्तान को मिला अमेरिका का साथ
इस बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान को अमेरिका का अहम कूटनीतिक समर्थन मिला है। अमेरिका की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर ने स्पष्ट किया है कि वाशिंगटन इस पूरे हालात पर नजर रखे हुए है और ‘पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार’ (Right to Self-Defense) का समर्थन करता है।
घबराए तालिबान ने की बातचीत की अपील
पाकिस्तानी सेना के भीषण प्रहार और अमेरिका के कड़े रुख के बाद अफगान तालिबान के सुर नरम पड़ते दिख रहे हैं। तनाव के बीच तालिबान ने बातचीत की इच्छा जताई है।
अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने कहा कि अफगानिस्तान हमेशा आपसी समझ और सम्मान के आधार पर मुद्दों को सुलझाना चाहता है।
वहीं, तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी अपील की है कि दोनों देशों को इस मामले को युद्ध के बजाय कूटनीति और बातचीत से सुलझाना चाहिए।
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