पटना में अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे BPSC, BSSC और CSBC के अभ्यर्थियों ने जेपी गोलंबर पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी।
पटना में प्रतियोगी छात्रों का उग्र प्रदर्शन: जेपी गोलंबर पर तोड़ी बैरिकेडिंग, TRE-4 नोटिफिकेशन और 13 सूत्रीय मांगों पर आर-पार की लड़ाई”
पटना : द पॉलिटिक्स अगेन : THE POLITICS AGAIN
बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
BPSC, BSSC और CSBC से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की मांग को लेकर 18 अगस्त से गर्दनीबाग में शांतिपूर्ण धरना दे रहे अभ्यर्थी अचानक उग्र हो गए।
मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले इन हजारों छात्रों ने जेपी गोलंबर पर पुलिस और CRPF की भारी बैरिकेडिंग को तहस-नहस कर दिया और डाकबंगला चौराहे की तरफ कूच कर गए।
छात्रों के इस आक्रोश के पीछे मुख्य रूप से निम्न तात्कालिक कारण रहे, जिन्होंने आग में घी का काम किया:
छात्र नेता दिलीप कुमार और ‘ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन’ के सौरभ कुमार के नेतृत्व में एकजुट हुए इन अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने अपनी 13-सूत्रीय मांगें रखी हैं।
प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी ये मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।
‘एक अभ्यर्थी, एक रिजल्ट’ लागू हो: सीटों की बर्बादी रोकने के लिए सभी भर्ती परीक्षाओं में ‘एक अभ्यर्थी, एक रिजल्ट’ का नियम सख्ती से लागू किया जाए।
TRE-4 में बड़े बदलाव: PT और Mains परीक्षा के बीच नेगेटिव मार्किंग के प्रावधान को हटाया जाए और बिहार के छात्रों के हित में 100% डोमिसाइल नीति लागू की जाए।
परीक्षाएं रद्द कर पुनः हों: 70वीं BPSC परीक्षा और 1799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए।
पारदर्शिता सुनिश्चित हो: परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद सभी अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी (Answer Key) और OMR शीट की कॉपी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
लंबित परीक्षाएं और जांच: BSSC की सभी लंबित परीक्षाएं (CGL, ASO, BSO आदि) जल्द से जल्द कराई जाएं। साथ ही, रद्द की गई परीक्षाओं (जैसे AEDO) में हुई धांधली की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
सड़कों पर उतरे हजारों छात्रों के हुजूम और जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग टूटने की घटना के बाद पटना पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया है।
कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए जेपी गोलंबर से लेकर डाकबंगला चौराहे और मुख्यमंत्री आवास के आस-पास के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
भारी संख्या में पुलिस बल के साथ-साथ दंगा नियंत्रण वाहन और CRPF जवानों की तैनाती की गई है। प्रशासन फिलहाल छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर हालात को सामान्य करने की कोशिशों में जुटा है।
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