पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत समुद्री जीव संसाधन और पारिस्थितिकी केंद्र (CMLRE) कोच्चि में 'महासागर विज्ञान और समुद्री प्रौद्योगिकी' पर केंद्रित ईएसटीआईसी 2026 के विषयगत उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया।
महासागर विज्ञान को मिलेगा बढ़ावा: कोच्चि में ईएसटीआईसी-2026 (ESTIC 2026) का हुआ भव्य उद्घाटन, इंडोओबिस (IndOBIS) पोर्टल की कार्यशाला भी संपन्न”
कोच्चि/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट
भारत की नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) को गति देने और महासागर विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार (6 अक्टूबर 2026) को एक अहम कदम उठाया गया।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के संबद्ध कार्यालय ‘समुद्री जीव संसाधन और पारिस्थितिकी केंद्र’ (CMLRE) ने कोच्चि स्थित अपने परिसर में ईएसटीआईसी (ESTIC – उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन) 2026 का विषयगत उद्घाटन समारोह आयोजित किया।
इस वर्ष ईएसटीआईसी 2026 का मुख्य विषय ‘महासागर विज्ञान और समुद्री प्रौद्योगिकी’ (Ocean Science and Marine Technology) रखा गया है।
यह आयोजन देश के महत्वाकांक्षी ‘डीप ओशन मिशन’ (Deep Ocean Mission) और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
इस उद्घाटन समारोह के साथ-साथ ‘इंडोओबिस’ (हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली) पोर्टल की हितधारक सहभागिता कार्यशाला भी आयोजित की गई।
इंडोओबिस पोर्टल को डीप ओशन मिशन के तहत चल रहे जैव विविधता अनुसंधान और डेटा साझाकरण नेटवर्क (Data Sharing Network) को मजबूत करने के लिए विकसित किया गया है।
सीधे प्रसारण (Live Stream) के जरिए आयोजित इस समारोह में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, छात्रों और डेटा प्रबंधकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला ने कहा,
“पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण का गर्व से समर्थन करता है जिसमें समुद्री संसाधनों को हमारी आर्थिक वृद्धि और ‘विकसित भारत 2047’ के सबसे बड़े चालकों में से एक माना गया है।”
उन्होंने बताया कि ईएसटीआईसी (ESTIC) वैज्ञानिक सहयोग के लिए भारत का प्रमुख वार्षिक मंच है।
यह नोबेल पुरस्कार विजेताओं, वैश्विक विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाता है ताकि अत्याधुनिक अनुसंधान और तकनीकी सफलताओं पर चर्चा की जा सके।
इससे पूर्व 10 सितंबर 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में ईएसटीआईसी 2026 का औपचारिक शुभारंभ किया था।
कोच्चि में हुए इस समारोह में ईएसटीआईसी के महासागर विज्ञान विषय पर आधारित वीडियो और ब्रोशर का विमोचन किया गया।
उपस्थित लोगों को आगामी 27-29 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ‘भारत मंडपम’ (Bharat Mandapam) में होने वाले मुख्य कार्यक्रमों की रूपरेखा बताई गई।
मुख्य भाषण: अमेरिका के वुड्स होल ओशनोग्राफिक इंस्टीट्यूशन के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. किलापार्टी रामकृष्ण।
पैनल चर्चा: ‘महासागर विज्ञान और समुद्री प्रौद्योगिकी: ज्ञान, नवाचार और सतत प्रौद्योगिकी का सेतु’ विषय पर पैनल चर्चा होगी। इसका संचालन पूर्व MoES सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन करेंगे।
पैनलिस्ट: इसमें नौसेना के कमोडोर अभिनव डी. बर्वे, CMFRI कोच्चि के निदेशक डॉ. ग्रिंसन जॉर्ज, यूके की डॉ. शुभा सत्येंद्रनाथ और अनंत टेक्नोलॉजीज के संस्थापक डॉ. सुब्बा राव पावुलुरी सहित कई दिग्गज शामिल होंगे।
ईएसटीआईसी 2026 में विज्ञान और नवाचार के 12 रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण विषयगत क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिसमें महासागर विज्ञान प्रमुख है।
| विषय / पहलू | महत्वपूर्ण विवरण |
| कार्यक्रम का नाम | ईएसटीआईसी (उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन) 2026 |
| आयोजक | समुद्री जीव संसाधन और पारिस्थितिकी केंद्र (CMLRE), कोच्चि (MoES) |
| मुख्य विषय (Theme) | महासागर विज्ञान और समुद्री प्रौद्योगिकी |
| साथ में आयोजित कार्यशाला | इंडोओबिस (IndOBIS – हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली) पोर्टल |
| मुख्य लक्ष्य | नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) को बढ़ाना और डेटा नेटवर्क मजबूत करना |
| आगामी मुख्य कार्यक्रम | 27-29 अक्टूबर 2026, भारत मंडपम (नई दिल्ली) |
| मुख्य वक्ता (भारत मंडपम) | डॉ. किलापार्टी रामकृष्ण (वरिष्ठ सलाहकार, अमेरिका) |
| कुल विषयगत क्षेत्र | विज्ञान और नवाचार के 12 रणनीतिक क्षेत्र (महासागर विज्ञान सहित) |
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