दुनिया पर ऊर्जा संकट, अमेरिका का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम
वर्ल्ड ब्रेकिंग: पश्चिम एशिया युद्ध से दुनिया पर मंडराया 1970 से भी बड़ा ऊर्जा संकट… IEA की चेतावनी- कोई देश नहीं रहेगा अछूता… होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की कगार पर… अमेरिका का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम- रास्ता खोलो वरना ऊर्जा ठिकानों पर होगा हमला… एशियाई देशों में हाहाकार… पढ़ें ‘The Politics Again’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट…
दुनिया पर मंडराया 1970 से भी बड़ा ऊर्जा संकट: अमेरिका का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम; IEA ने दी ‘ग्लोबल इकॉनमी’ तबाह होने की चेतावनी
नई दिल्ली | इंटरनेशनल एंड इकॉनमी डेस्क, संतोष सेठ की रिपोर्ट The Politics Again
पश्चिम एशिया (Middle East) में पिछले चार हफ्तों से जारी भीषण युद्ध अब पूरी दुनिया के लिए एक भयंकर ‘वैश्विक ऊर्जा संकट’ (Global Energy Crisis) की शक्ल लेता जा रहा है।
इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, महंगाई और आम आदमी की जेब पर साफ नजर आने लगा है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने खुली चेतावनी दी है कि अगर हालात इसी दिशा में बढ़ते रहे, तो दुनिया का कोई भी देश इस आर्थिक और ऊर्जा तबाही से अछूता नहीं रहेगा।
1970 के संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध से भी ज्यादा खतरनाक
IEA के प्रमुख फातिह बिरोल ने ऑस्ट्रेलिया की राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस संकट की गंभीरता को स्पष्ट किया।
उन्होंने मौजूदा हालात को ‘कई संकटों का जानलेवा मिश्रण’ करार दिया है।
बिरोल के अनुसार, तेल और गैस आपूर्ति में यह अभूतपूर्व व्यवधान 1970 के दशक के ऐतिहासिक तेल संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध से भी ज्यादा जटिल और खतरनाक रूप ले चुका है।
युद्ध के कारण अब तक क्षेत्र के कम से कम नौ देशों की करीब 40 अहम ऊर्जा परिसंपत्तियां (Energy Assets) गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की 20% ऊर्जा का रास्ता बंद होने की कगार पर
इस संकट का सबसे बड़ा केंद्र ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) बन गया है, जो लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है।
यह वह अहम समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत (पांचवां हिस्सा) ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है। इसका बाधित होना वैश्विक बाजार के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
अमेरिका का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम
इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और दोनों देशों के बीच सीधी सैन्य तकरार की आशंका बढ़ गई है।
अमेरिका की चेतावनी: अमेरिका ने ईरान को सख्त अल्टीमेटम देते हुए 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को कहा है। ऐसा न होने पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर सीधी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ईरान का पलटवार: दूसरी तरफ, ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर अमेरिका या किसी भी देश ने हमला किया, तो वह इसका बेहद आक्रामक और व्यापक सैन्य जवाब देगा।
एशियाई देशों पर सबसे ज्यादा असर और IEA की तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे भू-राजनीतिक घटनाक्रम का सबसे ज्यादा और सीधा असर भारत सहित अन्य एशियाई देशों पर पड़ेगा।
ईंधन की कमी से वैश्विक महंगाई और आर्थिक सुस्ती (Economic Slowdown) का खतरा मंडरा रहा है।
बाजार में अस्थिरता को रोकने के लिए IEA ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर दुनिया के आपातकालीन भंडार (Emergency Reserves) से तेल जारी किया जा सकता है।
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