चुनाव आयोग की सख्ती: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 1000 करोड़ का कैश, शराब और ड्रग्स जब्त
चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कैश, शराब और ड्रग्स जब्त
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हो रहे विधानसभा चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग (ECI) बेहद सख्त नजर आ रहा है।
आयोग की इस सख्ती का बड़ा असर चुनाव वाले राज्यों में देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य कीमती सामान जब्त किया जा चुका है।
आचार संहिता का सख्ती से पालन
चुनाव आयोग ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की घोषणा की थी।
चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सभी राज्यों को आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए थे।
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों (DGP) और प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों के साथ कई दौर की समीक्षा बैठकें कीं।
एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चुनाव में धनबल, बाहुबल या लालच का कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
5000 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें तैनात
चुनाव में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने जमीन पर व्यापक निगरानी तंत्र बिछाया है:
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में कुल 5,011 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें (FST) तैनात की गई हैं (2,728 पश्चिम बंगाल में और 2,283 तमिलनाडु में)।
इन टीमों को शिकायत मिलने के महज 100 मिनट के भीतर त्वरित कार्रवाई करने का लक्ष्य दिया गया है।
इसके अलावा, 5,363 स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST) भी तैनात हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर अचानक नाकेबंदी कर सघन जांच कर रही हैं।
चुनाव जब्ती प्रबंधन प्रणाली (ESMS) को 26 फरवरी 2026 से ही पूरी तरह लागू कर दिया गया था।
जब्ती के चौंकाने वाले आंकड़े (22 अप्रैल तक)
चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़े बताते हैं कि तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नकदी पकड़ी गई है, जबकि पश्चिम बंगाल में अवैध शराब की जब्ती का आंकड़ा काफी अधिक है।
| राज्य | कुल जब्ती (रुपये) | नकद (Cash) | शराब (Liquor) | ड्रग्स (Drugs) | कीमती धातु | अन्य/फ्रीबीज |
| पश्चिम बंगाल | 472.89 करोड़ | 27.48 करोड़ | 102.45 करोड़ | 108.11 करोड़ | 55.88 करोड़ | 178.83 करोड़ |
| तमिलनाडु | 599.24 करोड़ | 100.19 करोड़ | 3.85 करोड़ | 76.72 करोड़ | 159.31 करोड़ | 259.14 करोड़ |
| कुल योग | 1072.13 करोड़ | 127.67 करोड़ | 106.30 करोड़ | 184.83 करोड़ | 215.19 करोड़ | 437.97 करोड़ |
‘आम लोगों को नहीं होनी चाहिए परेशानी’
अवैध धन और सामग्री की जब्ती के लिए चलाए जा रहे इस बड़े अभियान के बीच चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच और चेकिंग के दौरान किसी भी आम नागरिक को अनावश्यक परेशानी या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
लोगों की सुविधा के लिए हर जिले में ‘शिकायत निवारण समितियां’ बनाई गई हैं।
नागरिक और राजनीतिक दल आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की कोई भी शिकायत आयोग के C-Vigil ऐप के जरिए सीधे दर्ज करा सकते हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद के नाओदा में TMC और AJUP के बीच झड़प, हुमायूं कबीर…
दिल्ली मेयर चुनाव: BJP ने उतारे अपने उम्मीदवार, प्रवेश वाही मेयर तो मोनिका पंत को…
भारत में ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1 मई से होंगे लागू: 'मनी गेम्स' पर…
जौनपुर में बेसिक शिक्षा विभाग की अहम समीक्षा बैठक: शत-प्रतिशत नामांकन और गुणवत्ता सुधार पर…
जौनपुर: बक्शा में हाईटेक नर्सरी की शुरुआत, मिट्टी रहित तकनीक से तैयार हो रहे उच्च…
राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर: 24 अप्रैल से 8 मई तक मिलेगा मई…