DRI unearths an illegal drug manufacturing laboratory in a residential premise in Jewar, seizing 30 kg of amphetamine and high-tech equipment.
उत्तर प्रदेश के जेवर में DRI का बड़ा स्ट्राइक: रिहायशी मकान में चल रही थी गुप्त ड्रग लैब; 30 किलो एंफेटेमिन जब्त, विदेशी नागरिक समेत दो गिरफ्तार”
जेवर (गौतम बुद्ध नगर) : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN
मादक और मनोरोगी (साइकोट्रॉपिक) पदार्थों के अवैध निर्माण तथा अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय तस्करी के खिलाफ राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है।
डीआरआई की टीम ने उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में एक आवासीय परिसर में चल रही हाई-टेक गुप्त ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।
इस अभियान में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ, केमिकल और निर्माण उपकरण बरामद किए गए हैं।
डीआरआई द्वारा 9 और 10 अगस्त 2026 को चलाए गए सटीक खुफिया अभियान के दौरान निम्नलिखित सामग्री जब्त की गई:
लगभग 30 किलोग्राम एंफेटेमिन (तैयार एवं मध्यवर्ती रूप में), जो कि एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम 1985 के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित मनोरोगी पदार्थ है।
मादक पदार्थों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला करीब 30 किलोग्राम प्रीकर्सर केमिकल।
विद्युत भट्टियां (Electric Furnaces), होज पाइप, वैज्ञानिक एवं मापन उपकरण, विभिन्न अभिकर्मक (Reagents) और रासायनिक घोल से भरे कई तरल कंटेनर।
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा सेटअप आवासीय इलाके के एक बंद कमरे में पूरी तरह पेशेवर तरीके से स्थापित किया गया था।
जांच में आरोपियों के काम करने के बेहद शातिर तरीके का खुलासा हुआ है। स्थानीय पड़ोसियों और सुरक्षा एजेंसियों के संदेह से बचने के लिए आरोपी:
देर रात के अंधेरे में कच्चा माल और असेंबली उपकरण चुपके से मकान में लाते थे।
लगभग एक सप्ताह तक लगातार ड्रग्स का निर्माण करते थे।
उत्पादन पूरा होते ही सभी मशीनें और उत्पाद हटाकर पूरे परिसर की गहरी सफाई कर देते थे।
यह पूरा चक्र हर दो से तीन महीने के अंतराल पर नए सिरे से दोहराया जाता था ताकि किसी को भनक न लगे।
इस गुप्त निर्माण सुविधा का संचालन कर रहे एक विदेशी नागरिक और उसकी भारतीय महिला सहयोगी को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम, 1985 के सख्त प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
एजेंसी अब इनके वित्तीय नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की जांच कर रही है।
मादक पदार्थों के अवैध निर्माण के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करने के लिए डीआरआई देशव्यापी स्तर पर लगातार छापे मार रही है। बीते एक महीने में एजेंसी ने कई बड़े नेटवर्क तोड़े हैं:
अंकलेश्वर (गुजरात): मेफेड्रोन निर्माण सुविधा का भंडाफोड़, भारी मात्रा में रसायन जब्त और 3 लोग गिरफ्तार।
सातारा (महाराष्ट्र): अल्प्राजोलम और डायजेपाम की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई, जहां से 400 लीटर कच्चा माल बरामद और 2 गिरफ्तारियां हुईं।
अंबरनाथ (महाराष्ट्र): नाइजीरिया को 1 लाख ट्रामाडोल गोलियों के अवैध निर्यात से जुड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़, 3 मुख्य आरोपी गिरफ्तार।
डीआरआई के अधिकारियों का कहना है कि ड्रग तस्कर अब निगरानी से बचने के लिए शहरी और ग्रामीण आवासीय इलाकों में अस्थाई प्रयोगशालाएं स्थापित करने का परिष्कृत तरीका अपना रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियां इस खतरे से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत कर रही हैं।
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