Breaking News

डोभाल का ‘प्रतिशोध’ बनाम महबूबा का ‘सांप्रदायिक’ आरोप: ‘विकसित भारत’ संवाद के बाद छिड़ा सियासी घमासान

“राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के एक हालिया संबोधन ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है”

नई दिल्ली | 13 जनवरी, 2026 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ के दौरान डोभाल द्वारा इतिहास के ‘प्रतिशोध’ की बात कहे जाने पर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कड़ा ऐतराज जताया है। मुफ्ती ने एनएसए पर नफरत की विचारधारा को बढ़ावा देने और मुसलमानों के खिलाफ हिंसा को सामान्य बनाने का गंभीर आरोप लगाया है।

डोभाल का बयान: “इतिहास का बदला लेने के लिए खुद को मजबूत बनाना होगा”

81 वर्षीय एनएसए अजीत डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए भारत के संघर्षपूर्ण इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा:

  • असहाय होने का दर्द: “हमारे गांव जले, सभ्यता समाप्त की गई और मंदिरों को लूटा गया। हमने सदियों तक अपमान सहा है।”

  • प्रतिशोध की शक्ति: डोभाल ने स्वीकार किया कि ‘प्रतिशोध’ शब्द शायद सुनने में अच्छा न लगे, लेकिन यह एक बड़ी शक्ति है। उन्होंने आह्वान किया कि भारत को आर्थिक, तकनीकी और रक्षात्मक रूप से इतना मजबूत होना चाहिए कि कोई दोबारा हमें दबा न सके।

  • युवाओं को संदेश: “मैं गुलाम भारत में जन्मा था, आप भाग्यशाली हैं कि स्वतंत्र भारत में पैदा हुए। अब समय है कि भारत को उस स्थान पर वापस ले जाया जाए जहाँ हम अपनी आस्थाओं और विचारों के आधार पर महान राष्ट्र का निर्माण कर सकें।”

महबूबा मुफ्ती का पलटवार: “यह डॉग व्हिसल कूटनीति है

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एनएसए के बयानों की तीखी आलोचना की। उनके मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:

  1. सांप्रदायिक विचारधारा: महबूबा ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले उच्च पदस्थ अधिकारी का नफरत की विचारधारा में शामिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

  2. युवाओं को उकसाना: उन्होंने आरोप लगाया कि सदियों पुरानी घटनाओं का बदला लेने की बात करना एक ‘डॉग व्हिसल’ (सांकेतिक संदेश) है, जो अशिक्षित युवाओं को अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाता है।

  3. सुरक्षा पर सवाल: उन्होंने कहा कि एनएसए का काम बाहरी और आंतरिक खतरों से बचाना है, न कि समाज के एक वर्ग को निशाना बनाना।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

विशेषज्ञों का मानना है कि डोभाल का बयान भारत के ‘सॉफ्ट पावर’ से ‘हार्ड पावर’ बनने की ओर इशारा है, जबकि विपक्ष इसे ध्रुवीकरण की कोशिश के रूप में देख रहा है। महबूबा मुफ्ती का बयान आगामी क्षेत्रीय चुनावों और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी विमर्श को धार देने की कोशिश माना जा रहा है।

Santosh SETH

Recent Posts

जौनपुर/करंजाकला : 7 मई से शुरू होगा डिजिटल स्वगणना अभियान

जौनपुर: जनसहभागिता से ही सफल होगा स्वगणना अभियान, 7 से 21 मई तक चलेगा विशेष…

12 hours ago

हिमाचल / नूरपुर बस हादसा: ड्राइवर को हार्ट अटैक, 28 यात्री घायल

हिमाचल बस हादसा: चलती बस के ड्राइवर को आया हार्ट अटैक, सड़क पर पलटी बस,…

12 hours ago

जौनपुर /खेतासराय: दूल्हे के हत्यारों को पनाह देने वाले 8 गिरफ्तार

जौनपुर: खेतासराय में दूल्हे के हत्यारों को पनाह देने वाले 8 सहयोगी गिरफ्तार, मुख्य आरोपियों…

12 hours ago

जौनपुर में AAP का प्रदर्शन : ‘स्मार्ट मीटर चीटर है’

जौनपुर में आम आदमी पार्टी का हल्ला बोल: स्मार्ट मीटर के विरोध में सड़कों पर…

12 hours ago

विवेक विहार अग्निकांड: कोई बिस्तर से उठ न सका, तो कोई सीढ़ियों पर झुलसा

दिल्ली के विवेक विहार में दर्दनाक अग्निकांड: 4 मंजिला इमारत में आग लगने से 9…

12 hours ago

5 राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद राष्ट्रीय राजनीति में होगा बड़ा उलटफेर

5 राज्यों के चुनाव नतीजों के साथ ही राष्ट्रीय राजनीति में बड़े उलटफेर की आहट:…

13 hours ago