Digital transformation and virtual tours of Indian museums initiated by the Ministry of Culture using JATAN and AI.

भारत में संग्रहालयों का डिजिटल कायाकल्प: एक क्लिक पर सांस्कृतिक धरोहर

भारत में संग्रहालयों का डिजिटल कायाकल्प: अब एक क्लिक पर देखें देश की प्राचीन धरोहर और इतिहास”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारत की समृद्ध और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए सहेजने के उद्देश्य से केंद्र सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठा रही है।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में बताया कि देश भर के संग्रहालयों और सांस्कृतिक संस्थानों का तेजी से ‘डिजिटल रूपांतरण’ (Digital Transformation) किया जा रहा है।

अब आम जनता, शोधकर्ता और छात्र घर बैठे ही देश के अनमोल इतिहास, दुर्लभ पांडुलिपियों और कलाकृतियों का दीदार कर सकते हैं।

‘जतन’ (JATAN) सॉफ्टवेयर से डिजिटलीकरण

संस्कृति मंत्रालय, पुणे स्थित सी-डीएसी (C-DAC) द्वारा विकसित ‘जतन’ (JATAN) सॉफ्टवेयर का उपयोग करके संग्रहालयों के संग्रह को डिजिटल रूप दे रहा है।

  • ‘भारत के संग्रहालय पोर्टल’ (museumsofindia.gov.in) पर एक राष्ट्रीय डिजिटल भंडार बनाया गया है।

  • इसमें 8 राष्ट्रीय स्तर के संग्रहालयों, 2 ASI साइट संग्रहालयों और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर संग्रहालय के डिजिटल संग्रह आम लोगों के लिए उपलब्ध करा दिए गए हैं।

‘ज्ञान भारतम’ और ‘अभिलेख पटल’ से सुरक्षित हो रहा प्राचीन ज्ञान

  • ज्ञान भारतम मिशन: इस पोर्टल (gyanbharatam.com) पर वर्तमान में 3.5 लाख से अधिक प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां डिजिटल रूप में आम जनता के लिए उपलब्ध हैं।

  • अभिलेख पटल: भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (NAI) मूल्यवान दस्तावेजी विरासत को ‘अभिलेख पटल’ पर अपलोड कर रहा है, जिससे शोधकर्ताओं को काफी मदद मिल रही है।

  • विज्ञान डिजिटल पुरालेख: कोलकाता स्थित BITM ने प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिकों के शोधपत्रों का एक डिजिटल संग्रह तैयार किया है, जिसे दिसंबर 2024 में लॉन्च किया गया।

AI, AR और VR तकनीक से लैस हो रहे संग्रहालय

संग्रहालयों में आगंतुकों के अनुभव को आधुनिक बनाने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (NCSM) और भारतीय संग्रहालय (कोलकाता) अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा ले रहे हैं:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), संवर्धित वास्तविकता (AR), और आभासी वास्तविकता (VR) के जरिए प्रदर्शनियों को इंटरैक्टिव बनाया जा रहा है।

  • IIT खड़गपुर के साथ मिलकर पुरातात्विक कलाकृतियों का AI-आधारित जीर्णोद्धार किया जा रहा है।

  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हम्पी और नालंदा के लिए मोबाइल ऐप लॉन्च किए हैं, जो वर्चुअल टूर (Virtual Tour) की सुविधा देते हैं।

आंकड़ों में जतन (JATAN) सॉफ्टवेयर पर डिजिटलीकरण की स्थिति:

सी-डीएसी को हस्तांतरित कलाकृतियों के डिजिटलीकरण की मौजूदा स्थिति इस प्रकार है:

संग्रहालय का नाम

कुल कलाकृतियां

वेबसाइट पर उपलब्ध

प्रतिशत (%)

राष्ट्रीय संग्रहालय

2,06,169

1,05,452

51.15%

भारतीय संग्रहालय

1,08,000

77,943

72.17%

विक्टोरिया मेमोरियल हॉल

28,394

27,922

98.34%

सालार जंग संग्रहालय

48,367

47,504

98.22%

इलाहाबाद संग्रहालय

70,121

62,988

89.83%

कुल (सभी 8 शामिल)

4,78,971

3,36,359

70.23%

 

सरकार की इन डिजिटल और तकनीकी पहलों से न केवल देश की सांस्कृतिक जड़ें मजबूत हो रही हैं, बल्कि ज्ञान को सभी के लिए सुलभ और पारदर्शी बनाया जा रहा है।