Hindu organizations protesting in Nepal demanding the declaration of a Hindu Rashtra after Kanwar Yatra violence.

नेपाल में कांवड़ यात्रा हिंसा के बाद ‘हिंदू राष्ट्र’ की मांग तेज

नेपाल में कांवड़ यात्रा हिंसा के बाद उबाल: अवैध घुसपैठियों को खदेड़ने और ‘हिंदू राष्ट्र’ की मांग पर सरकार का सकारात्मक रुख”

काठमांडू (नेपाल): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

नेपाल में मुस्लिमों की ओर से कांवड़ यात्रा पर की गई पत्थरबाजी और गोलीबारी में एक हिंदू युवक की मौत के बाद से ही देश भर के हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है।

नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज में हुई इस हिंसा के बाद अब यह मुद्दा केवल विरोध प्रदर्शनों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने एक बड़े राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले लिया है।

आम लोग सड़कों पर उतरकर अपने जनप्रतिनिधियों का घेराव कर रहे हैं और हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

अवैध घुसपैठियों को खदेड़ने की मांग और वायरल तस्वीरें

नेपाल से लगातार ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें हिंदू संगठन कई सालों से अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने की मांग कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर ऐसी कई तस्वीरें भी तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें भारी संख्या में मुस्लिम भीड़ अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर जाती हुई दिखाई दे रही है।

हिंदू संगठनों का स्पष्ट आरोप है कि नेपाल की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) में तेजी से बदलाव किया जा रहा है, जिससे कई इलाकों में स्थानीय हिंदुओं के लिए खतरा पैदा हो गया है।

गृह मंत्री को सौंपा 19 सूत्रीय मांग पत्र

हिंदूवादी संगठनों ने नेपाल सरकार के सामने कई बड़ी मांगें रखी हैं। उन्होंने गृह मंत्री सुदन गुरंग को 13 से 19 सूत्रीय मांगों वाला एक ज्ञापन सौंपा है।

  • प्रमुख मांगें: इस मांग पत्र में नेपाल को फिर से ‘हिंदू राष्ट्र’ घोषित करने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने, कप्तानगंज हिंसा की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी और जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

  • 3 महीने का अल्टीमेटम: ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि सरकार 3 महीने के भीतर सर्वदलीय बैठक बुलाकर हिंदू राष्ट्र की मांग पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए।

सरकार का ‘यू-टर्न’ और सकारात्मक संकेत

हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि नेपाल सरकार ने हिंदू संगठनों की इन मांगों पर सकारात्मक सहमति जता दी है। इसे नेपाली हिंदुओं की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि कुछ घंटे पहले ही नेपाल के पीएम ने बयान दिया था कि ‘हिंदू राष्ट्र की बहाली के साथ राजशाही का मुद्दा भी जुड़ जाता है, इसलिए वर्तमान में यह उचित नहीं है।’

लेकिन अब पूरे नेपाल में हिंदुओं के उग्र प्रदर्शन और बढ़ते गुस्से को देखते हुए सरकार अपने रुख में यू-टर्न लेती दिखाई दे रही है।

आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या नेपाल सरकार सच में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कोई कड़ा एक्शन लेती है और देश को दोबारा ‘हिंदू राष्ट्र’ घोषित करने की दिशा में कदम बढ़ाती है या नहीं।