दिल्ली प्रदूषण – कई इलाकों में 400 के पार पहुंचा AQI

“दिल्ली में लोदी रोड, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, पूसा, सिरी फोर्ट व डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज सहित कई इलाकों की हवा बेहद खराब हो चुकी है। सीपीसीबी के अनुसार एनसीआर में फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां एक्यूआई 148 रहा, जोकि मध्यम श्रेणी में है” 

नई दिल्ली 18 / 10 / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

राजधानी में वायु प्रदूषण हॉटस्पॉट इलाकों से बाहर निकल गया है। प्रदूषण ने अपने पैर अब हरियाली वाले इलाकों में पसार दिए हैं।

लोदी रोड, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, पूसा, सिरी फोर्ट व डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज सहित कई इलाकों की हवा बेहद खराब हो चुकी है। ऐसे में लोग प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।

अगर इसी तरह हवा की स्थिति बिगड़ती गई तो ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के दूसरे चरण की बंदिशें लागू की जा सकती हैं।

गुरुवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब श्रेणी के उच्चतम स्तर पर 285 दर्ज किया गया। यह बुधवार की अपेक्षा 55 अंक अधिक है। यही स्थिति शनिवार तक बने रहने का अनुमान है।
 
वहीं, रविवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। विशेषज्ञों ने बताया कि पड़ोसी राज्यों से पराली का धुआं, वाहनों का प्रदूषण हवा में जहर घोल रहा है। हवा में नमी कम होने से प्रदूषण कण संघन हो रहे हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषकों के प्रभावी फैलाव के लिए मौसम संबंधी स्थितियां अत्यधिक प्रतिकूल हैं। पराली जलाने से होने वाले अतिरिक्त उत्सर्जन से हवा की गुणवत्ता बेहद खराब होने की आशंका है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार पंजाबी बाग और पटपड़गंज सहित 12 इलाकों में हवा अति गंभीर से गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई जबकि नेहरू नगर, बवाना समेत 17 इलाकों में बेहद खराब श्रेणी में हवा रही। विशेष बात यह है कि किसी भी इलाके में एक्यूआई खराब श्रेणी में नहीं रिकॉर्ड किया।

भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक दिल्ली में वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर रहा। इस दौरान सतही हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से चली।

ऐसे में हवा की गति 8 से 4 किमी प्रतिघंटा रही और आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहे। सीपीसीबी के अनुसार एनसीआर में फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही।

यहां एक्यूआई 148 रहा, जोकि मध्यम श्रेणी में है। गुरुग्राम में 178, ग्रेटर नोएडा में 248, गाजियाबाद में 252 और नोएडा में 242 एक्यूआई रहा।

रविवार तक पहुंचेगी बेहद खराब श्रेणी में हवा

डिसिजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के अनुसार दिल्ली के वायु प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 0.711 फीसदी रही। वहीं, पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 1.008 फीसदी रह सकती है।
 
वायु प्रदूषण में खुले में कूड़ा जलने से होने वाले धुआं 1.164 फीसदी रहा। इसी तरह शुक्रवार को इसकी हिस्सेदारी 1.147 फीसदी रह सकती है।
 
आईआईटीएम के मुताबिक, शुक्रवार को हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से चल सकती है। इसकी गति 4-10 किमी प्रतिघंटा होगी। आसमान साफ रहेगा। वहीं, शनिवार को भी हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से 6-10 किमी प्रतिघंटे की गति से चलेगी।
 
रविवार को दक्षिण-पूर्व दिशा से हवा आने की संभावना है, जिसकी गति 6-8 किमी प्रतिघंटा होगी। रविवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच सकती है।

हॉटस्पॉट इलाकों का एक्यूआई

  • पंजाबी बाग – 484
  • आरके पुरम – 443
  • विवेक विहार – 422
  • मुंडका – 420
  • जहांगीरपुरी – 418
  • रोहिणी – 414
  • ओखला फेज – 401

एक्यूआई 301-400 के बीच होने पर लागू किया जाता ग्रैप-2 

एक्यूआई 301 से 400 के बीच होने पर ग्रैप का दूसरा चरण लागू किया जाता है। इसमें अस्पतालों, रेल और मेट्रो सेवाओं को छोड़कर अन्य जगहों पर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाता है।

रोजाना सड़कों की साफ-सफाई और पानी का छिड़काव किया जाता है। फैक्ट्रियों में केवल उचित ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है।

लोगों को सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम इस्तेमाल करने के लिए पार्किंग फीस बढ़ाई जाती है, निर्माण स्थलों पर निरीक्षण बढ़ा दिया जाता है।

इस बार ड्यूल फ्यूल या सर्टिफाइड एजेंसी से रेट्रोफिटिंग करवाने वाले 62 किलोवॉट से 800 किलोवॉट तक के जनरेटरों पर रोक नहीं रहेगी।

अब तक यह छूट 125 किलोवॉट से 800 किलोवॉट के जनरेटरों के लिए थी यानी नियमों का पालन करने वाले अधिक जेनरेटर इस बार ऑपरेट हो सकेंगे। 19 किलोवॉट से 62 किलोवॉट की क्षमता वाले ड्यूल फ्यूल के डीजल सेट पर रोक नहीं रहेगी।