कानपुर: रेलवे ट्रैक पर फटा सिलेंडर, मची दहशत

“कानपुर : रेलवे ट्रैक पर फटा 5 लीटर का एलपीजी सिलेंडर, मची दहशत; साजिश या लापरवाही, जांच तेज “

कानपुर | विशेष संवाददाता : द पॉलिटिक्स अगेन 

उत्तर प्रदेश के कानपुर सेंट्रल स्टेशन से महज 2 किलोमीटर दूर दिल्ली-प्रयागराज रेलवे रूट पर बुधवार रात एक बड़ी घटना सामने आई।

ट्रैक पर एक 5 लीटर क्षमता वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर के फटने से इलाके में हड़कंप मच गया। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए।

सूचना मिलते ही पुलिस, आरपीएफ (RPF) और क्राइम ब्रांच की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और सघन जांच शुरू कर दी।

ट्रेन से फेंके जाने की आशंका

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह सिलेंडर किसी गुजरती हुई ट्रेन, विशेषकर ‘महाबोधि एक्सप्रेस’ से गैस लीक होने या किसी अन्य कारण से नीचे फेंका गया था, जो ट्रैक पर गिरकर फट गया।

घटनास्थल से पुलिस को कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर एक व्यक्ति के बेटे से फोन पर संपर्क किया गया है, जिससे व्यक्ति की पहचान ओम प्रकाश के रूप में हुई है।

सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

कानपुर रेलवे क्षेत्र में हाल के महीनों में ट्रैक पर सिलेंडर मिलने या रखे जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां बड़े हादसे टल गए थे।

लेकिन इस बार सिलेंडर का फटना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों में ज्वलनशील पदार्थ या सिलेंडर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसी लापरवाही बरतने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस कमिश्नरेट और आरपीएफ की संयुक्त टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर सिलेंडर रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा।

इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि मामले की हर एंगल से गहन जांच की जा रही है।

प्रथम दृष्टया यह लापरवाही का मामला लग रहा है, लेकिन अगर यह किसी की जानबूझकर की गई शरारत या साजिश साबित होती है, तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और इसे गंभीर अपराध मानकर कार्रवाई होगी।

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