कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के अंतिम दिन भारत 40 पदकों का आंकड़ा छूना चाहेगा। अहमदाबाद 2030 की मेजबानी लेगा।
CWG 2026: ग्लास्गो में भारत के पास 40 पदकों का आंकड़ा छूने का आखिरी मौका, जानें अंतिम दिन का पूरा शेड्यूल”
ग्लास्गो: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
स्कॉटलैंड के ग्लास्गो शहर में चल रहे 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG 2026) का आज (रविवार, 2 अगस्त) भव्य समापन होने जा रहा है।
भारतीय दल के लिए यह प्रतियोगिता का आखिरी दिन बेहद खास है क्योंकि टीम इंडिया के पास अपने पदकों की कुल संख्या 40 तक पहुंचाने का शानदार अवसर है।
शनिवार को भारतीय मुक्केबाजों ने रिंग में गदर मचाते हुए रिकॉर्डतोड़ 7 स्वर्ण सहित कुल 10 पदक जीते, जिससे भारत का कुल पदक आंकड़ा 39 तक पहुंच गया है।
अब अंतिम दिन जूडो और ट्रैक साइक्लिंग में भारतीय एथलीट देश के लिए पदक की दावेदारी पेश करेंगे।
जूडो में भारत अब तक चार पदक जीत चुका है। आज तीन भारतीय खिलाड़ी मैट पर उतरेंगे:
महिला 78 किग्रा वर्ग में ईशरूप नरंग का मुकाबला स्कॉटलैंड की निकोल वुड से होगा।
पुरुष 100 किग्रा वर्ग में अवतार सिंह साइप्रस के एरिस्टोस माइकल को चुनौती देंगे।
पुरुष +100 किग्रा वर्ग में यश घंघास अपनी दावेदारी पेश करेंगे। अगर ये खिलाड़ी अपने शुरुआती मुकाबले जीतते हैं, तो शाम 7:30 बजे से शुरू होने वाले सेमीफाइनल और पदक मुकाबलों में इतिहास रच सकते हैं।
वेलोड्रोम में आज भारतीय साइक्लिस्ट भी पदक के लिए जोर लगाएंगे।
दोपहर 2:09 बजे से दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों पुरुष 40 किमी पॉइंट्स रेस के पहले दौर में उतरेंगे।
रोनाल्डो सिंह लैटोंजम पुरुष 1000 मीटर टाइम ट्रायल के फाइनल (मेडल इवेंट) में पदक के लिए दौड़ेंगे।
पैरा साइक्लिंग में लीशा दास महिला C4-C5 1000 मीटर टाइम ट्रायल के फाइनल में चुनौती पेश करेंगी।
प्रतियोगिता के समापन समारोह में भारत के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक पल भी आएगा। ग्लास्गो 2026 के समापन के दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स का आधिकारिक ध्वज और ‘होस्ट बैटन’ भारत के अहमदाबाद शहर को सौंपा जाएगा।
इसके साथ ही भारत में होने वाले ‘2030 कॉमनवेल्थ गेम्स’ की औपचारिक मेजबानी यात्रा शुरू हो जाएगी।
मुक्केबाजों का जलवा: भारतीय मुक्केबाजों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण पदक (महिलाओं ने 5 और पुरुषों ने 2) और 3 रजत पदक जीते।
गुलवीर सिंह का इतिहास: एथलेटिक्स में गुलवीर ने पुरुष 5000 मीटर में कांस्य जीता। वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में ट्रैक स्पर्धाओं में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।
पैरा एथलेटिक्स में स्वर्णिम थ्रो: सोमन राणा ने पुरुष F57 शॉटपुट में 13.40 मीटर थ्रो के साथ स्वर्ण और शुभम जुयाल ने रजत पदक जीतकर डबल पोडियम फिनिश किया।
त्रिकूद (Triple Jump): प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर के साथ रजत और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने कांस्य पदक जीता।
एथलेटिक्स में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: भारत ने ट्रैक एंड फील्ड में इस साल 10 पदक (5 रजत, 5 कांस्य) जीते, जो 2010 दिल्ली खेलों (12 पदक) के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
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