पीयूष गोयल बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक को संबोधित करते हुए

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यों से किया निर्यात बढ़ाने का आग्रह

पीयूष गोयल की राज्यों से अपील: निर्यात को दें सर्वोच्च प्राथमिकता, 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य के लिए पेश की 7-सूत्रीय कार्ययोजना”

THE POLITICS AGAIN डेस्क: संतोष सेठ की रिपोर्ट 

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करने के लिए एक समन्वित राष्ट्रीय प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया है।

नई दिल्ली में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ ट्रेड’ (BoT) की एक दिवसीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने राज्य सरकारों से ‘भव्य औद्योगिक पार्क योजना’ का पूरा लाभ उठाने और निर्यात को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का आग्रह किया।

वाणिज्य विभाग के इस शीर्ष परामर्शदात्री मंच की बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री श्री जितिन प्रसाद, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री, निर्यात संवर्धन परिषदों (EPC) के प्रतिनिधि और शीर्ष उद्योग संगठनों के सदस्य शामिल हुए।

निर्यात को गति देने के लिए 7-सूत्रीय कार्ययोजना

केंद्रीय मंत्री ने भारत के निर्यात विकास में तेजी लाने के लिए राज्यों, उद्योग संघों और निर्यातकों के समक्ष एक विस्तृत 7-सूत्रीय कार्ययोजना पेश की:

  1. निर्यात को उच्च प्राथमिकता: सभी राज्य और संबंधित मंत्रालय निर्यात समितियां बनाएं, निर्यातकों के साथ नियमित और मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित करें।

  2. भव्य औद्योगिक पार्क योजना और श्रम कानून: राज्य इस योजना के पहले राउंड में सक्रिय रूप से भाग लें। जिन राज्यों ने अब तक श्रम नियमों की अधिसूचना जारी नहीं की है, वे इसे जल्द पूरा करें।

  3. गुणवत्ता अवसंरचना: केंद्र सरकार सरकारी और विश्वविद्यालय स्तर की प्रयोगशालाओं में परीक्षण सुविधाएं स्थापित करने में पूरी मदद करेगी, जिससे परीक्षण लागत घटेगी और उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

  4. निर्यात प्रोत्साहन मिशन (EPM): माइक्रो और छोटे उद्यमों (MSME) को अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र, परीक्षण और नियमों के पालन में होने वाले खर्च के लिए सरकार वित्तपोषण करेगी।

  5. अनुचित व्यापार प्रथाओं पर लगाम: डंपिंग या प्रीडेटरी प्राइसिंग से नुकसान झेल रहे घरेलू उद्योग व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) से संपर्क करें, जो एंटी-डंपिंग उपायों से राहत दिलाएगा।

  6. आयात प्रतिस्थापन: राज्य ऐसे उत्पादों की पहचान करें जिनका आयात होता है लेकिन जिन्हें भारत में आसानी से बनाया जा सकता है। इससे विदेशी मुद्रा बचेगी और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।

  7. अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी: राज्य नए और छोटे निर्यातकों की सूची बनाएं, जिन्हें विदेशी मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए ‘निर्यात प्रोत्साहन मिशन’ के तहत मदद दी जाएगी।

1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का बड़ा लक्ष्य

श्री गोयल ने बताया कि तमाम वैश्विक चुनौतियों, माल ढुलाई में बाधाओं और मांग में कमी के बावजूद भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 863 अरब अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे अधिक निर्यात किया है। इसमें वस्तुओं का निर्यात 442 अरब डॉलर और सेवाओं का निर्यात 421 अरब डॉलर रहा।

अब सरकार ने 1 ट्रिलियन (1000 अरब) अमेरिकी डॉलर के निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसमें 530 अरब डॉलर वस्तुओं और 470 अरब डॉलर सेवाओं के निर्यात से हासिल करने की योजना है।

‘जिलों को निर्यात हब बनाने’ का 90-दिवसीय अभियान

निर्यात को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए मंत्री ने 90 दिनों के एक विशेष अभियान की घोषणा की। यह अभियान 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 120 प्राथमिकता वाले जिलों में चलाया जाएगा।

यह पहल ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP), जीआई (GI) उत्पादों और MSME क्लस्टर के साथ मिलकर काम करेगी।

इसके अलावा, सीमा-पार ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए ‘डाक घर निर्यात केंद्रों’ का लाभ उठाने की भी अपील की गई।

बैठक में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति: बैठक में 25,000 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन, मुक्त व्यापार समझौतों (FTA), 33,660 करोड़ रुपये की भव्य औद्योगिक पार्क योजना और 6.25 लाख करोड़ रुपये की PLI योजना (एप्पल इंडिया के एमडी विराट भाटिया द्वारा प्रस्तुत) पर विस्तृत चर्चा हुई।

इस अहम बैठक में श्री बिमल बोरा (असम), सुश्री श्रेयसी सिंह (बिहार), श्री मनजिंदर सिंह सिरसा (दिल्ली), श्री नंद गोपाल गुप्ता (उत्तर प्रदेश), श्री संजय प्रसाद यादव (झारखंड), श्री चेतन्य कुमार कश्यप (मध्य प्रदेश) सहित कई राज्यों के मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और निर्यात संवर्धन पर अपने सुझाव साझा किए।

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