लखनऊ में प्रेस वार्ता को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ; एसआईआर (SIR) प्रक्रिया, चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस व विपक्षी दलों पर साधा निशाना।
SIR और चुनाव आयोग विवाद पर सीएम योगी का विपक्ष पर पलटवार: कहा- ‘कांग्रेस के शासन में भी हुई थी पुनरीक्षण प्रक्रिया, हार का ठीकरा EVM पर फोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण’
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया है।
लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान सीएम योगी ने चुनाव आयोग, संवैधानिक संस्थाओं और ईवीएम (EVM) की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर विपक्ष को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने विपक्षी दलों के मौजूदा रवैये और बयानों को ‘बेहद गैर-जिम्मेदाराना’ और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने वाला करार दिया।
उत्तर प्रदेश सहित देशभर में एसआईआर (SIR) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा जताई जा रही आपत्तियों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला दिया।
सीएम योगी ने कहा कि यह कहना बिल्कुल गलत है कि मौजूदा चुनाव आयोग ऐसी प्रक्रिया कराने वाला पहला आयोग है।
उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी—अक्सर कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल के दौरान—वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में मतदाता पुनरीक्षण की ऐसी प्रक्रियाएं अपनाई गई थीं।
उन्होंने कहा कि इस स्पष्ट इतिहास के बावजूद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), आरजेडी और अन्य विपक्षी दलों द्वारा मौजूदा प्रक्रिया को लेकर हंगामा खड़ा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
चुनाव आयोग और ईवीएम पर लगातार उठ रहे सवालों पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को आत्म-मंथन करने की सलाह दी।
दोहरे मापदंड का आरोप: सीएम योगी ने कहा, “अगर विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, तो इसका श्रेय वे अपनी कोशिशों को देते हैं।
लेकिन जब जनता उन्हें उनके भ्रष्टाचार, वित्तीय गड़बड़ियों, गलत नीतियों और अराजक कामों की वजह से नकार देती है, तो वे चुनाव आयोग या ईवीएम पर दोष मढ़ने लगते हैं।”
EVM को ‘ब्लैक बॉक्स’ कहने पर आपत्ति: मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन ईवीएम मशीनों के जरिए केंद्र और कई राज्यों में कांग्रेस व विपक्ष की सरकारें बनीं,
आज उन्हीं मशीनों को ‘ब्लैक बॉक्स’ कहना दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और भारत की चुनावी व्यवस्था पर शक करने जैसा है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।
इस संदर्भ में उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का भी जिक्र किया। सीएम योगी ने कहा कि राहुल गांधी ने विदेश (कैम्ब्रिज) की धरती पर भारत की न्यायपालिका पर सवाल उठाए और भारतीय न्यायिक व्यवस्था की निष्पक्षता को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की।
इसके अलावा, उन्होंने 2019 में राफेल मामले पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया और कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह का अविश्वास लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
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