वर्षा ऋतु के आगमन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को पत्र लिखकर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ने और जल संरक्षण सहित 5 महत्वपूर्ण अपील की हैं।
CM योगी ने प्रदेशवासियों को लिखी चिट्ठी: वर्षा ऋतु से पहले की ये 5 अपील, कहा- ‘धरती मां के प्रति निभाएं दायित्व’
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
वर्षा ऋतु और चातुर्मास के आगमन से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम एक बेहद भावपूर्ण और प्रेरक चिट्ठी (पाती) लिखी है।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
वर्षा ऋतु नवसृजन, संवर्धन और समृद्धि का आगमन है। वर्षा ऋतु के साथ चातुर्मास का यह पावन काल हमें प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व, संयम, संवेदनशीलता और संतुलित जीवन का संदेश देता है।
वर्षा के समय आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी होती हैं, अतः उस समय… pic.twitter.com/rivWcMpPWV
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 22, 2026
इस पत्र के माध्यम से सीएम योगी ने लोगों से प्रकृति के संरक्षण, स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर 5 विशेष अपील की हैं।
मुख्यमंत्री ने वर्षा ऋतु को नवसृजन, संवर्धन और समृद्धि का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह समय प्रकृति का स्वागत करने के साथ-साथ धरती मां के प्रति अपने दायित्वों को निभाने का भी है।
चिट्ठी की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने लिखा, “मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, प्रकृति का प्रत्येक परिवर्तन जीवन का नया संदेश लेकर आता है। उत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और वर्षा की पहली फुहार हमारे अन्नदाताओं के जीवन में नई ऊर्जा का सृजन करेगी।”
उन्होंने वेदों के सूत्र ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ का उल्लेख करते हुए धरती को माता और स्वयं को उसका पुत्र बताया।
मुख्यमंत्री ने एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रदेशवासियों से ये पांच महत्वपूर्ण कार्य करने का आग्रह किया है:
‘एक पेड़ मां के नाम’: इस महा-अभियान के तहत हर परिवार कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प ले।
जल संचयन अभियान: ‘जल है तो कल है’ के भाव से तालाबों, पोखरों, अमृत सरोवरों और कुओं का संरक्षण करें। घरों और संस्थानों में वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को जन-आंदोलन बनाएं।
जैविक खेती को बढ़ावा: प्रकृति के प्रति कृतज्ञता जताते हुए जैविक खेती को अपनाएं, जिससे परिवार स्वस्थ रहेगा और कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
स्वच्छता और स्वास्थ्य: बरसात के मौसम में स्वच्छता बनाए रखें और जलजनित (Waterborne) एवं संक्रामक रोगों से बचाव के लिए पूरी सावधानी बरतें।
जल भराव और कूड़ा प्रबंधन: आसपास पानी और कचरे का जमाव न होने दें। विशेष रूप से यह ध्यान रखें कि प्लास्टिक से नालियां जाम न हों।
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में जनता की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बरसात के समय आकाशीय बिजली (Lightning) की चपेट में आने और डूबने से कई दुर्घटनाएं होती हैं। इसलिए सीएम ने अपील की:
बारिश और तूफान के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों।
नदियों और जलाशयों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए वहां जाते समय या स्नान करते समय विशेष सतर्कता बरतें।
सीएम योगी ने अंत में आश्वस्त किया कि राज्य सरकार ने इन सभी प्राकृतिक चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं, लेकिन जनता की सजगता और सहयोग के बिना कोई भी प्रयास पूरी तरह सार्थक नहीं हो सकता।
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