अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के नाम पत्र लिखा

सीएम योगी की पाती : नारी शक्ति को याद, 2017 से पहले डर, अब सुरक्षा

“सीएम योगी की नारी शक्ति को पाती: 2017 से पहले डर का माहौल, अब नाइट शिफ्ट में काम कर रहीं बेटियां “

लखनऊ : द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की महिलाओं के नाम एक भावुक और राजनीतिक पत्र लिखा है।

इस पत्र में उन्होंने न केवल नारी शक्ति के महत्व को याद किया है, बल्कि पिछली सरकारों पर तीखा निशाना साधते हुए राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की बदलती तस्वीर पेश की है।

सीएम योगी ने स्पष्ट किया है कि यह परिवर्तन “स्पष्ट नीति और साफ़ नीयत” का परिणाम है।

पिछली सरकारों पर निशाना और सुरक्षा का दावा

अपने पत्र में, मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश को याद किया। उन्होंने लिखा, “याद करिए, 2017 से पहले शाम होते ही घर से बाहर निकलने में बेटियां घबराती थीं।

स्कूल-कॉलेज तक जाने में डर लगता था। महिलाओं के साथ अपराध आम बात थी।” इसके विपरीत, उन्होंने आज की स्थिति को बेहतर बताया और कहा कि “आज बेटियां रात की पाली (नाइट शिफ्ट) में भी काम कर रही हैं।”

उन्होंने ‘मिशन शक्ति’ और ‘एंटी रोमियो’ जैसे अभियानों को इसका श्रेय दिया, जिन्होंने अपराधियों में डर पैदा किया है।

सशक्तिकरण की दिशा में सरकारी प्रयास

सीएम योगी ने महिलाओं के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया।

  • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा तक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: गरीब परिवारों की बेटियों का आत्मसम्मान के साथ विवाह संभव बनाती है।

  • पुष्टाहार योजना: गर्भवती और धात्री महिलाओं को बेहतर पोषण देकर आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करती है।

  • निराश्रित महिला पेंशन: पेंशन की राशि ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रति माह कर दी गई है।

उन्होंने इन प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का भी जिक्र किया, जैसे छात्राओं के ड्रॉपआउट रेट में भारी कमी, और मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर में अभूतपूर्व गिरावट।

उन्होंने कहा कि आज शिक्षा से लेकर रोजगार तक बेटियों को समान अवसर मिल रहे हैं।

नारी शक्ति का नया अध्याय :

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति के स्वावलंबन के नए अध्याय का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप से लेकर उद्यमी क्रेडिट कार्ड तक, हर ओर उद्यमिता के अवसर हैं।

प्रदेश के सभी विकास खंडों में स्वयं सहायता समूहों का विस्तार हुआ है। उन्होंने बीसी सखियों की सफलता का उल्लेख किया, जहाँ लगभग 40 हजार बीसी सखियां आत्मविश्वास के साथ हजारों करोड़ के वित्तीय लेनदेन कर रही हैं।

इसके अलावा, उन्होंने “लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, स्वास्थ्य सखी, सूर्य सखी” जैसे नए रूपों का जिक्र किया जो न केवल अपने परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही हैं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

संदेश और शुभकामनाएं

पत्र के अंत में, सीएम योगी ने महिलाओं को “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” (मां एवं मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं) का श्लोक याद दिलाया।

उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए महिलाओं को संदेश दिया, “आपको न किसी से डरने की आवश्यकता है, न छोटे सपने देखने हैं।

सरकार की विभिन्न योजनाएं आपके सपनों की उड़ान को पंख दे रही हैं।” उन्होंने महिलाओं से विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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