बंगाल में CM सुवेंदु का एक्शन: खत्म हुआ 'भाइपो टैक्स' और गुंडाराज
बंगाल में CM सुवेंदु का एक्शन: खत्म हुआ TMC का ‘भाइपो और डंडा टैक्स’, 50 हजार ट्रक चालकों ने ली राहत की सांस”
आसनसोल/कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल की सत्ता में हुए ऐतिहासिक बदलाव और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के पद संभालते ही राज्य की कानून व्यवस्था में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन दिखने लगा है।
9 मई 2026 को भाजपा सरकार के गठन के बाद प्रशासन ने ‘गुंडाराज’ और हाईवे पर होने वाली अवैध वसूली के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
इसका सबसे बड़ा फायदा झारखंड, पूर्वोत्तर राज्यों और बांग्लादेश के बीच सफर करने वाले हजारों ट्रक चालकों को मिल रहा है।
लंबे समय से ‘भाइपो टैक्स’ और ‘डंडा टैक्स’ के नाम पर टीएमसी (TMC) समर्थित गुंडों का आतंक सहने वाले ट्रांसपोर्टर्स ने अब राहत की सांस ली है।
चालकों का कहना है कि सड़क किनारे बांस की बैरिकेडिंग लगाकर जबरन उगाही करने वाले तत्व अब कार्रवाई के डर से पूरी तरह गायब हो गए हैं।
दशकों पुराना ‘वसूली सिंडिकेट’ ध्वस्त
पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा (विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्ग 2) से गुजरने वाले वाणिज्यिक वाहनों के लिए सफर किसी बुरे सपने से कम नहीं था।
चालकों का उत्पीड़न: सीमा पार करते ही ट्रकों को अवैध नाकों पर रोक लिया जाता था। पैसे न देने पर गालियां देना, घंटों ट्रक रोके रखना, गाड़ी के शीशे तोड़ देना और टायर पंचर कर देना आम बात थी।
प्रशासनिक सख्ती: नई सरकार के आदेश के बाद जिला अधिकारियों ने सभी अवैध वसूली नाकों को रातों-रात हटा दिया है, जिससे यातायात पहले की तुलना में काफी सुचारु हो गया है।
‘भाइपो टैक्स’ खत्म, अब ‘डंडा टैक्स’ पर प्रहार की जरूरत
पश्चिम बंगाल ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन महासंघ के महासचिव सजल घोष ने इस बदलाव का स्वागत किया है।
उन्होंने बताया कि हाईवे पर दो तरह की अवैध वसूली होती थी— ‘भाइपो टैक्स’ और ‘डंडा टैक्स’। घोष के मुताबिक, ‘भाइपो टैक्स’ (यह शब्द टीएमसी सांसद और पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की ओर संकेत करते हुए इस्तेमाल किया जाता रहा है) अब लगभग समाप्त हो गया है।
हालांकि, उनका मानना है कि ‘डंडा टैक्स’ को भी जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासन को लगातार निगरानी रखनी होगी।
जल्दी खराब होने वाले माल को सबसे ज्यादा नुकसान
प्रतिदिन लगभग 50 हजार ट्रक पश्चिम बंगाल से होकर गुजरते हैं। इनमें से कई सब्जियां, मछली और अन्य नाशवान वस्तुएं लेकर जाते हैं।
अखिल झारखंड ड्राइवर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद आकिल सोनू ने बताया कि पहले वसूली गिरोह ट्रकों को घंटों रोके रखते थे,
जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती थी। अब बिना रुकावट आवाजाही होने से माल समय पर मंडियों तक पहुंच रहा है।
पश्चिम बर्धमान और पुरुलिया में दिखा असर
झारखंड के मिहिजाम सीमा क्षेत्र से सटे रुपनारायणपुर, पश्चिम बर्धमान और पुरुलिया जिलों में जहां पहले हर कुछ किलोमीटर पर उगाही के अड्डे थे, वहां अब सन्नाटा है।
एक स्थानीय ई-रिक्शा चालक ने भी पुष्टि की है कि 4 मई के बाद से अधिकांश अवैध वसूली केंद्र बंद हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस सख्त कदम की आम लोगों, व्यापारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों के बीच व्यापक सराहना हो रही है।
लोगों का मानना है कि यदि यह प्रशासनिक सख्ती ऐसे ही जारी रही, तो पश्चिम बंगाल में व्यापार और निवेश का माहौल तेजी से सुधरेगा और ‘भयमुक्त शासन’ पर जनता का भरोसा और मजबूत होगा।
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