Budget 2026: मोबाइल-दवाइयां सस्ती, शराब पर टैक्स की मार! जानें निर्मला सीतारमण के बजट में क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा?
“देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना लगातार 9वां और मोदी सरकार का 15वां बजट पेश कर दिया है”
नई दिल्ली ‘The Politics Again’ शिल्पा की रिपोर्ट
हर बार की तरह इस बार भी देश के आम आदमी की निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि उनकी जेब पर इसका क्या असर होगा।
वित्त मंत्री ने अपने पिटारे से कई वर्गों को राहत दी है, तो कुछ शौकीनों को झटका भी दिया है। ‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में जानिए बजट के बाद आपकी जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली कौन सी चीजें सस्ती हुई हैं और किसके दाम बढ़े हैं।
आम जनता को बड़ी राहत: ये सामान होंगे सस्ते
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने हेल्थकेयर से लेकर टेक्नोलॉजी और खेल जगत तक कई बड़े ऐलान किए। इसका सीधा फायदा आम उपभोक्ता को मिलेगा।
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दवाइयां और हेल्थकेयर: सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत दी है। अब शुगर और कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी। विशेष रूप से कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाएं और 7 अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयों के दाम कम किए गए हैं।
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गैजेट्स और ईवी (Gadgets & EV): अगर आप नया फोन या इलेक्ट्रिक गाड़ी लेने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय है। बजट में मोबाइल फोन और EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) की बैटरी को सस्ता किया गया है।
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घरेलू सामान और कपड़े: घर में इस्तेमाल होने वाले माइक्रोवेव ओवन और कपड़े अब सस्ते होंगे। इसके अलावा, चमड़े के जूते और अन्य लेदर प्रोडक्ट्स की कीमतों में भी गिरावट आएगी।
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खेल और ऊर्जा: खिलाड़ियों के लिए खेल-कूद का सामान सस्ता किया गया है। वहीं, क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देते हुए सोलर सामान और बायोगैस मिक्स्ड CNG को भी सस्ता करने का प्रस्ताव है।
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बीड़ी पीने वालों को राहत: एक दिलचस्प घोषणा में सिगरेट पर राहत नहीं मिली है, लेकिन बजट के बाद बीड़ी सस्ती हो गई है।
जेब पर बढ़ा बोझ: इन चीजों के दाम बढ़े
जहां एक तरफ राहत मिली है, वहीं कुछ चीजों पर महंगाई की मार भी पड़ी है।
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शराब (Liquor): जाम छलकाने वालों के लिए बुरी खबर है। साल 2026 के बजट के बाद शराब महंगी हो जाएगी।
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ट्रेडिंग (Trading): शेयर बाजार में ‘Future Option Trading’ (F&O) करने वालों के लिए यह बजट महंगा साबित होगा, क्योंकि इस पर टैक्स बढ़ाया गया है।
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अन्य: इसके अलावा स्क्रैप (Scrap) और खनिज़ (Minerals) भी महंगे होंगे।
कुल मिलाकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह बजट टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य और मध्यम वर्ग की जरूरतों पर केंद्रित नजर आता है।
जहां मोबाइल और दवाइयों की घटती कीमतें आम आदमी को सुकून देंगी, वहीं शराब और ट्रेडिंग पर बढ़ी लागत सरकार की राजस्व नीति को स्पष्ट करती है।











