बडगाम एनकाउंटर: लश्कर कमांडर मूसा ढेर, बड़ा आतंकी नेटवर्क खत्म
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी: लश्कर का खूंखार कमांडर मूसा ढेर, आतंक का एक बड़ा अध्याय समाप्त”
श्रीनगर/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भारतीय सुरक्षा बलों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है।
बडगाम जिले में चलाए गए एक बेहद सटीक और खुफिया-आधारित ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सीनियर कमांडर मूसा (उर्फ आसिफ फौजी) को मार गिराया गया है।
मूसा का मारा जाना केंद्र शासित प्रदेश में लश्कर के नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
सटीक खुफिया जानकारी और शानदार तालमेल
रक्षा मंत्रालय और पीआईबी (PIB) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह ऑपरेशन बडगाम जिले के खानसाहिब पुलिस स्टेशन इलाके के गुरवतकलान में अंजाम दिया गया।
सुरक्षा एजेंसियां काफी लंबे समय से इस खूंखार आतंकी की तलाश में थीं। हाल ही में, मूसा की मूवमेंट और उसकी लोकेशन को लेकर टेक्निकल और ह्यूमन इंटेलिजेंस (Technical and Human Intelligence) से पक्की जानकारी मिली थी।
इसके तुरंत बाद जम्मू कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और सीएपीएफ (CAPF) ने एक संयुक्त रणनीति बनाई और उसे घेर कर ढेर कर दिया।
2022 से सक्रिय खूंखार आतंकी मॉड्यूल का खात्मा
मूसा के मारे जाने के साथ ही, साल 2022 से जम्मू-कश्मीर में आतंक का पर्याय बन चुके लश्कर-ए-तैयबा के चार सीनियर कमांडरों का पूरा समूह अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। यह समूह घाटी में कई दिल दहला देने वाले हमलों के लिए सीधा जिम्मेदार था।
इन बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड था यह ग्रुप:
इस आतंकी मॉड्यूल ने हालन हमला (अगस्त 2023), DKG हमला (दिसंबर 2023), कंडी हमला (मई 2023), शाहसीतार हमला (मई 2024), शिव खोरी हमला (जून 2024), गगनगीर हमला (अक्टूबर 2024), बूटापथरी हमला (अक्टूबर 2024) और बैसरण हमला (अप्रैल 2025) जैसी कई सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया था, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों और जवानों की जान गई थी।
सुरक्षा बलों के संयुक्त और निरंतर अभियानों ने इस खूंखार ग्रुप के बाकी तीन कमांडरों— जुनैद भट, सुलेमान और यासिर को भी अलग-अलग मुठभेड़ों में पहले ही मौत के घाट उतार दिया था।
मूसा इस ग्रुप का आखिरी बचा हुआ बड़ा चेहरा था, जिसे खत्म करने के लिए लंबे समय से यह ऑपरेशन चल रहा था।
पिछले कुछ सालों में सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय (Coordination) का ही यह सकारात्मक परिणाम है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के बड़े मॉड्यूल एक-एक कर ध्वस्त किए जा रहे हैं।
इन्फोग्राफिक चार्ट (Infographic Chart)
लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडरों का खात्मा (2024-2026)
| आतंकी कमांडर का नाम | मारे जाने की तारीख व स्थान / ऑपरेशन | इस ग्रुप द्वारा किए गए प्रमुख आतंकी हमले |
| मूसा (उर्फ आसिफ फौजी) | सितंबर 2026, गुरवतकलान (बडगाम) | हालन हमला (अगस्त 2023), DKG हमला (दिसंबर 2023), कंडी हमला (मई 2023) |
| जुनैद भट | 3 दिसंबर 2024, दाचीगाम | शाहसीतार हमला (मई 2024), शिव खोरी हमला (जून 2024) |
| सुलेमान | 28 जुलाई 2025, ऑपरेशन महादेव | गगनगीर हमला (अक्टूबर 2024), बूटापथरी हमला (अक्टूबर 2024) |
| यासिर | 4 सितंबर 2026, ऑपरेशन असधर | बैसरण हमला (अप्रैल 2025) |
(नोट: यह समूह संयुक्त रूप से इन सभी बड़े हमलों की साजिश रचने और उन्हें अंजाम देने में शामिल था।)











