बिहार : मुजफ्फरपुर में रेप पीड़िता की मौत, 4 घंटे तक एंबुलेंस में इंतजार कराने का आरोप

“बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में बलात्कार पीड़िता की मौत के मामले पर हंगामा मचा है। पीड़िता को 4 घंटे तक एंबुलेंस में इंतजार कराने का आरोप लगाया जा रहा है। महिला आयोग ने भी इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है”

मुजफ्फरपुर 03 / 06 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक नाबालिग दलित लड़की से बलात्कार और हत्या की दर्दनाक वारदात सामने आई है। इस मामले में प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। दरअसल, महिला आयोग ने कहा है कि बलात्कार पीड़िता को बिना किसी इलाज की सुविधा के चार घंटे से ज्यादा समय तक एंबुलेंस में इंतजार करवाया गया था।

महिला आयोग की अध्यक्ष ने इस घटना की घोर निंदा की है। वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार और कानून व्यवस्था पर आरोप लगाए हैं।

अब तक मामले में क्या कार्रवाई हुई?

पुलिस ने बताया है कि रेप की ये घटना बीते 27 मई को सामने आई थी। मुजफ्फरपुर जिले के एसएसपी सुशील कुमार के मुताबिक, रेप और हत्या का आरोपी पड़ोस के गांव में रहता था और पीड़िता को जानता भी था। वह मछली विक्रेता था और अक्सर उधर आता-जाता था। आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसके साथ बलात्कार किया।

एसएसपी ने बताया- “पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल की जांच की है और सभी नमूने एकत्र किए हैं।

कपड़ों से भी नमूने एकत्र किए गए हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए एफएसएल को भेज दिया है। हम 15 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करेंगे। इसे स्पीडी ट्रायल के तहत लाया जाएगा, ताकि हम आगे की जो भी कार्रवाई आवश्यक हो, कर सकें।”

क्यों भड़क उठा महिला आयोग?

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने नाबालिग दलित बलात्कार पीड़िता की दुखद मौत का स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में घोर लापरवाही और व्यवस्थागत विफलताओं की कड़ी निंदा की है। 

महिला आयोग की अध्यक्ष ने बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी को इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने इस मामले में हुई चूक में अस्पताल अधिकारियों और पुलिस की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है।

महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने मांग की है कि अपने काम में लापरवाही बरतने के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। महिला आयोग ने इस घटना को लेकर तीन दिन के भीतर विस्तृत कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

Santosh SETH

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