“संसद के दोनों सदनों में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल (यूनाइटेड) में इस्तीफों का सिलसिला शुरू हो गया है। जेडीयू के सांसदों ने सदन में वक्फ बिल का समर्थन किया था”
पटना 06 / 04 / 2025 संतोह सेठ की रिपोर्ट
इसके विरोध में शुक्रवार तक पांच बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। इसके बाद 20 से ज्यादा मुस्लिम पदाधिकारियों ने भी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। इस्तीफा देने वाले नेताओं में नदीम अख्तर, राजू नैय्यर, तबरेज सिद्दीकी अलीग, मोहम्मद शाहनवाज मलिक और मोहम्मद कासिम अंसारी शामिल हैं”
बिहार में कुछ महीने बाद ही विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यह पार्टी के लिए चिंता का विषय है। जेडीयू कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ रहा है। पार्टी को आने वाले समय में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
राजू नैयर ने अपने त्यागपत्र में कहा कि वह जेडी(यू) द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करने से “बहुत आहत” हैं और उन्होंने इसे मुसलमानों पर अत्याचार करने वाला “काला कानून” कहा। उन्होंने कहा, “वक्फ संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित होने और समर्थन मिलने के बाद मैं जेडी(यू) से इस्तीफा देता हूं,” और सभी पार्टी जिम्मेदारियों से मुक्त होने का अनुरोध किया।
तबरेज हसन ने शुक्रवार को जेडी(यू) प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित अपने त्यागपत्र में कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के लिए पार्टी के समर्थन ने मुसलमानों का विश्वास तोड़ दिया है, जो मानते थे कि यह धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के लिए खड़ा है।
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