PMFME योजना की बड़ी सफलता: 17 हजार करोड़ का निवेश, 59 हजार उद्यमों को फायदा | The Politics Again
“खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में ‘PMFME’ योजना की महा-क्रांति: 17 हजार करोड़ का निवेश, 59 हजार उद्यमों को मिला नया जीवन और 2.8 लाख रोजगार “
नई दिल्ली (The Politics Again) : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट
भारत के सूक्ष्म और छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों (Food Processing Enterprises) के लिए केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम’ (PMFME) योजना एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो रही है।
इस योजना ने न केवल छोटे कारोबारियों को औपचारिक पहचान दी है, बल्कि देश भर में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने बीते मंगलवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में इस योजना की ऐतिहासिक प्रगति का विस्तृत ब्यौरा पेश किया।
योजना के प्रमुख आंकड़े: विकास की नई उड़ान
रिपोर्ट के अनुसार, योजना की शुरुआत से लेकर 31 दिसंबर 2025 तक देश भर में शानदार प्रगति दर्ज की गई है:
कुल निवेश: इस योजना के तहत देश भर में कुल 17,015.8 करोड़ रुपये का विशाल निवेश जुटाया गया है।
उद्यमों का औपचारिकीकरण: अब तक 59,202 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को औपचारिक रूप प्रदान किया गया है, जिससे वे मुख्यधारा के व्यापार से जुड़ सके हैं।
रोजगार सृजन: 31 मार्च 2025 की मध्यावधि प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना से अब तक 2.8 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
आमदनी में 1.7 गुना का भारी उछाल
PMFME योजना का सबसे बड़ा प्रभाव छोटे उद्यमियों की आय पर पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन लाभार्थियों ने इस योजना के तहत सहायता प्राप्त की है, उनके औसत टर्नओवर (कारोबार) में लगभग 1.7 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके अलावा, 85% क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी लाभार्थियों और लगभग 80% स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों ने बेहतर बाजार संपर्क और मजबूत वितरण नेटवर्क मिलने की पुष्टि की है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
सरकार महिलाओं, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और आकांक्षी जिलों की भागीदारी पर विशेष जोर दे रही है।
साझा सुविधाएं: 108 साझा अवसंरचना सुविधाओं के लिए ऋण स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 59 सुविधाएं वर्तमान में पूरी तरह कार्यरत हैं।
इन्क्यूबेशन सेंटर (स्टार्टअप हब): 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 76 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 23 इन्क्यूबेशन केंद्र चालू हो चुके हैं, जो नए उद्यमियों को तकनीकी मदद दे रहे हैं।
राज्यवार प्रदर्शन: महाराष्ट्र, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश सबसे आगे
योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक औपचारिक रूप प्रदान किए गए उद्यमों की राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार सूची इस प्रकार है:
| क्र.सं. | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | औपचारिक उद्यमों की संख्या |
| 1 | महाराष्ट्र | 13,722 |
| 2 | तमिलनाडु | 8,350 |
| 3 | मध्य प्रदेश | 5,721 |
| 4 | केरल | 5,139 |
| 5 | बिहार | 4,938 |
| 6 | उत्तर प्रदेश | 3,650 |
| 7 | कर्नाटक | 3,507 |
| 8 | तेलंगाना | 2,559 |
| 9 | आंध्र प्रदेश | 2,215 |
| 10 | असम | 1,986 |
| 11 | पंजाब | 1,888 |
| 12 | ओडिशा | 1,126 |
| 13 | उत्तराखंड | 790 |
| 14 | हरियाणा | 507 |
| 15 | झारखंड | 484 |
| 16 | छत्तीसगढ़ | 445 |
| 17 | राजस्थान | 417 |
| 18 | जम्मू – कश्मीर | 389 |
| 19 | हिमाचल प्रदेश | 325 |
| 20 | दिल्ली | 280 |
| 21 | मेघालय | 147 |
| 22 | त्रिपुरा | 132 |
| 23 | गोवा | 103 |
| 24 | पुदुचेरी | 93 |
| 25 | नगालैंड | 73 |
| 26 | पश्चिम बंगाल | 69 |
| 27 | मणिपुर | 54 |
| 28 | अरुणाचल प्रदेश | 51 |
| 29 | लद्दाख | 25 |
| 30 | मिजोरम | 5 |
| 31 | गुजरात | 5 |
| 32 | दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव | 4 |
| 33 | सिक्किम | 3 |
| कुल | भारत भर में | 59,202 |
(नोट: मंत्रालय ऋण प्रवाह बढ़ाने और मार्केटिंग के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के साथ एकीकरण के लिए लगातार काम कर रहा है।)
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