Shikshamitra Honorarium Increase

यूपी के 1.70 लाख परिवारों के लिए बड़ी खबर: शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की बढ़ सकती है सैलरी, विधान परिषद में सीएम योगी का बड़ा ऐलान

“उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए अच्छी खबर है”

लखनऊ : THE POLITICS AGAIN : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

लंबे समय से कम मानदेय (Honorarium) पर काम कर रहे इन कर्मचारियों की मुराद जल्द पूरी हो सकती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने विधान परिषद में स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकार उनके मानदेय में वृद्धि पर गंभीरता से विचार कर रही है।

सीएम योगी ने सदन में कहा कि सरकार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनकी सैलरी बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इस बयान के बाद प्रदेश के करीब 1.70 लाख कर्मचारियों में ‘अच्छे दिन’ आने की उम्मीद जाग गई है।

1.43 लाख शिक्षामित्रों का दर्द: 50 हजार से 10 हजार पर आए

यूपी में शिक्षामित्रों का मुद्दा राजनीतिक और कानूनी पचड़ों में फंसा रहा है।

  • संख्या: प्रदेश में करीब 1 लाख 43 हजार शिक्षामित्र हैं।

  • इतिहास: मायावती सरकार में इन्हें ट्रेनिंग मिली। 2012 में अखिलेश यादव सरकार ने इन्हें ‘सहायक शिक्षक’ बनाकर करीब ₹50,000 वेतन देना शुरू किया।

  • विवाद: हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने आरटीई एक्ट (RTE Act) और टीईटी (TET) पास न होने के कारण इनका समायोजन रद्द कर दिया।

  • वर्तमान स्थिति: सहायक शिक्षक पद छिनने के बाद ये वापस शिक्षामित्र बन गए और इनका मानदेय घटकर मात्र ₹10,000 महीना रह गया। अब सीएम के बयान से उन्हें सम्मानजनक वेतन मिलने की आस बंधी है।

24 हजार अनुदेशक: कोर्ट के आदेश का इंतजार

जूनियर हाईस्कूलों में संविदा पर तैनात अनुदेशकों (Instructors) की स्थिति भी दयनीय है।

  • संख्या: प्रदेश में 24,000 से ज्यादा अनुदेशक हैं।

  • वेतन: वर्तमान में उन्हें मात्र ₹7,000 महीना मिलता है।

  • कोर्ट का आदेश: कोर्ट ने इन्हें ₹17,000 महीना देने का आदेश दिया था, लेकिन अभी तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है। योगी सरकार अब इस विसंगति को दूर कर सकती है।

सरकार की मंशा

विधान परिषद में सीएम योगी के बयान को 2027 के चुनाव से पहले कर्मचारियों को साधने की एक बड़ी कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है।

सरकार जल्द ही एक समिति का गठन कर मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव कैबिनेट में ला सकती है।

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