यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शिक्षकों को कैशलेस इलाज, ओला-उबर के नए नियम | The Politics Again
“यूपी कैबिनेट के 30 बड़े फैसले : शिक्षकों को कैशलेस इलाज, ओला-उबर पर कड़े नियम और गांव-गांव दौड़ेगी टैक्स-फ्री बस “
लखनऊ (The Politics Again): वरुण यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई अहम कैबिनेट बैठक में 31 में से 30 प्रस्तावों पर मुहर लग गई है।

राज्य सरकार ने शिक्षा, परिवहन, आवास और संपत्ति पंजीकरण को पारदर्शी बनाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
इनमें अशासकीय शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सौगात, ओला-उबर जैसी कैब कंपनियों पर नकेल और ‘सीएम ग्राम परिवहन योजना 2026’ जैसे महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं।
शिक्षकों को कैशलेस इलाज और कर्मचारियों पर सख्ती
प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में अहम बदलाव किया है।
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प्रदेश के 1.28 लाख से अधिक अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को अब कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
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योजना के तहत प्रति शिक्षक लगभग 2,479 रुपये का प्रीमियम खर्च आएगा, जिसका सीधा लाभ शिक्षकों को मिलेगा। इसके लिए राज्य सरकार 31.92 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाएगी।
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बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निजी अस्पतालों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।
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सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त नियम
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सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए अनिवार्य किया गया है कि कर्मचारियों को छह माह के मूल वेतन से अधिक के निवेश की जानकारी देनी होगी। साथ ही, हर वर्ष अपनी अचल संपत्ति की घोषणा करना अनिवार्य होगा।
परिवहन: ओला-उबर पर लगाम और सरकार का अपना ऐप
कैबिनेट ने मोटर व्हीकल कानून में संशोधन कर केंद्र सरकार के नियमों को राज्य में लागू करने का फैसला किया है।
अब Ola और Uber जैसे एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स को यूपी में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। राज्य सरकार अपना खुद का परिवहन ऐप भी विकसित करेगी, जिसमें ड्राइवरों की पूरी जानकारी और ट्रेनिंग की व्यवस्था होगी।
| एग्रीगेटर (Cab) से जुड़े नए नियम | निर्धारित शुल्क / शर्तें |
| आवेदन शुल्क | 25,000 रुपये |
| लाइसेंस फीस | 5 लाख रुपये |
| लाइसेंस नवीनीकरण (हर 5 साल में) | 5,000 रुपये |
| अनिवार्य शर्तें | ड्राइवरों की फिटनेस जांच, मेडिकल टेस्ट और पुलिस वेरिफिकेशन। |
सीएम ग्राम परिवहन योजना 2026: 59 हजार गांवों तक पहुंचेगी बस
ग्रामीण इलाकों में यातायात सुगम बनाने के लिए ‘सीएम ग्राम परिवहन योजना 2026’ को स्वीकृति दी गई है।
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प्रदेश की 59,163 ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ा जाएगा।
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12,200 ऐसे गांव जहां आज तक बस नहीं पहुंची, वहां 28-सीटर बसें चलाई जाएंगी।
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शुरुआत में हर रूट पर दो बसें चलेंगी और यह बस सेवा पूरी तरह टैक्स-फ्री होगी।
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निजी क्षेत्र को भी संचालन की अनुमति मिलेगी। संचालन का अनुबंध 10 वर्ष का होगा और बसों की औसत आयु 15 वर्ष तय की गई है।
आवास और संपत्ति रजिस्ट्रेशन में बड़े बदलाव
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प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन: संपत्ति विवादों और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब किसी भी संपत्ति को बेचने से पहले विक्रेता का नाम ‘खतौनी’ से मिलाया जाएगा। नाम अलग होने पर रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी गहन जांच करेगा।
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पीएम आवास (शहरी): 22 वर्गमीटर तक के आवास की लागत सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दी गई है।
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अब 30 वर्गमीटर तक मकान का निर्माण किया जा सकेगा, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार क्रमशः 1 लाख और 1.5 लाख रुपये की सहायता देंगी।
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कांशीराम आवास योजना: खाली पड़े मकानों की मरम्मत और रंगाई-पुताई कराकर उन्हें दलित परिवारों को आवंटित किया जाएगा।
अन्य प्रमुख मंजूरियां
कैबिनेट ने अयोध्या में खेल परिसर के लिए 2500 वर्गमीटर भूमि नगर निगम को हस्तांतरित करने, कानपुर ट्रांस गंगा सिटी के लिए चार-लेन पुल बनाने और बुंदेलखंड (बांदा-झांसी) में डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे अहम विकास प्रस्तावों को भी अपनी मंजूरी दी है।












