मोदी सरकार ने 32 हजार करोड़ के निवेश से गोबरधन योजना और असम हाईवे को बड़ी मंजूरी दी है।
मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: गोबरधन योजना और असम में 4-लेन हाईवे को 32 हजार करोड़ की मंजूरी”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक में देश के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र को लेकर दो बड़े फैसले लिए गए हैं।
सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि सरकार ने कुल 32,701 करोड़ रुपये के निवेश वाली दो प्रमुख परियोजनाओं पर मुहर लगा दी है।
इसमें 23,731 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘गोबरधन’ (GOBARdhan) योजना और असम में 8,970 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल है।
कैबिनेट ने 23,731 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ गोबरधन योजना को मंजूरी दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में संपीड़ित बायो-गैस (Compressed Bio-Gas – CBG) के उत्पादन और वितरण को नई गति देना है।
आयात पर घटेगी निर्भरता: भारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग 50% जरूरत आयात से पूरी करता है। इस योजना से घरेलू स्तर पर बायो-गैस का उत्पादन बढ़ेगा, जिससे विदेशी आयात पर निर्भरता कम होगी।
छह प्रमुख स्तंभ: यह योजना सुनिश्चित खरीद, मूल्य स्थिरता, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन नेटवर्क के विकास, ऋण गारंटी और नवाचार (चैलेंज फंड) जैसे छह मजबूत स्तंभों पर टिकी है।
अर्थव्यवस्था को बूस्ट: सरकार का अनुमान है कि अगले 10 वर्षों में CBG उत्पादन दस गुना तक बढ़ जाएगा।
इससे 40 हजार करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत होगी, राष्ट्रीय जीडीपी में 75 हजार करोड़ रुपये का योगदान मिलेगा और 1.5 लाख से अधिक नए रोजगार पैदा होंगे।
पूर्वोत्तर भारत के विकास को रफ्तार देते हुए कैबिनेट ने असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 (NH-15) पर गुवाहाटी के पास बाईहाटा चारियाली से तेजपुर के पास मिशन चारियाली तक 135.87 किलोमीटर लंबे चार लेन राजमार्ग निर्माण को भी मंजूरी दी है।
लागत और तकनीक: 8,970 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट को बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसमें अत्याधुनिक मशीन आधारित निर्माण तकनीक (AIMC) और एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी।
घटेगी दूरी, बढ़ेगा व्यापार: इस हाईवे के बनने से गुवाहाटी से तेजपुर की यात्रा का समय साढ़े तीन घंटे से घटकर मात्र 1.7 घंटे रह जाएगा।
रणनीतिक महत्व: तेजपुर एक महत्वपूर्ण रक्षा केंद्र है। यह नया हाईवे न सिर्फ सेना के लिए रणनीतिक संपर्क को मजबूत करेगा, बल्कि असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच माल ढुलाई और आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार देगा।
इन दोनों फैसलों को भारत के ‘आत्मनिर्भर’ बनने और पूर्वोत्तर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
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