ममता बनर्जी vs चुनाव आयोग

Bengal News: ‘इतना घमंडी चुनाव आयोग कभी नहीं देखा’- मीटिंग बीच में छोड़कर निकलीं ममता बनर्जी, CEC पर लगाए गंभीर आरोप

“पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले एक नया बवंडर खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंची थीं, लेकिन वहां कुछ ऐसा हुआ कि वह मीटिंग बीच में ही छोड़कर बाहर निकल आईं”

कोलकाता ‘The Politics Again’ संतोष सेठ की रिपोर्ट 

काले कपड़े पहनकर विरोध जताने पहुंचीं ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर अपमान करने का आरोप लगाया।

उन्होंने गुस्से में कहा, “मैं 7 बार सांसद रही हूं, लेकिन मैंने अपनी जिंदगी में ऐसा एरोगेंट (घमंडी) चुनाव आयोग कभी नहीं देखा।”

‘हमें जलील किया गया, इसलिए मीटिंग छोड़ी’

ममता बनर्जी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रतिनिधिमंडल के साथ काले लिबास में चुनाव आयोग पहुंची थीं। उनका मुख्य मुद्दा बंगाल में चल रहे ‘विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण’ (SIR) को लेकर था।

मीटिंग से बाहर आने के बाद बिफरीं ममता ने कहा, “उन्होंने हमारी बात सुनने के बजाय हमारा अपमान किया। हमें जलील किया गया, इसलिए हमने मीटिंग का बहिष्कार (Boycott) कर दिया।”

उन्होंने CEC को ‘झूठा’ बताते हुए कहा कि हमने पांच चिट्ठियां दीं, लेकिन एक का भी जवाब नहीं मिला।

‘चुनाव से 3 महीने पहले SIR क्यों?’

ममता बनर्जी ने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा, “लोकतंत्र में चुनाव एक फेस्टिवल की तरह होता है। चुनाव से ठीक तीन महीने पहले बंगाल में SIR (वोटर लिस्ट रिविजन) की क्या जरूरत थी?”

उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया की आड़ में बंगाल में जेन्युइन (असली) वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं।

उन्होंने तल्ख लहजे में पूछा, “क्या चुनाव आयोग अब चुनाव से पहले ही सरकार चुनेगा? आपके पास बीजेपी की ताकत है, हमारे पास जनता की।”

‘TMC विधायक दे रहे धमकियां, BLO को नहीं मिले पैसे’

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने भी ममता बनर्जी के आरोपों पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने कहा कि कानून के मुताबिक ही काम होगा और जो भी कानून तोड़ेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा।

आयोग ने आरोप लगाया कि TMC विधायक खुलेआम अधिकारियों और CEC के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और ERO दफ्तरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं।

आयोग ने यह भी खुलासा किया कि राज्य सरकार ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) का पैसा रोका हुआ है। प्रति BLO को 18,000 रुपये मिलने थे, लेकिन अभी तक सिर्फ 7,000 रुपये का भुगतान किया गया है।

“ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे चुनाव का बहिष्कार नहीं करेंगी, बल्कि मजबूती से लड़ेंगी। लेकिन जिस तरह से सीएम और चुनाव आयोग आमने-सामने हैं, उससे बंगाल का चुनावी संग्राम और हिंसक होने के आसार हैं”

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