पूर्वांचल / वाराणसी

बंगाल चुनाव: TMC और BJP में ठनी, जानें क्या है पानिहाटी का विवाद?

बंगाल चुनाव 2026: EC के दरवाजे पर TMC और BJP! ममता और शाह पर विवादित बयानों से गरमाई सियासत 

कोलकाता/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो चुका है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जुबानी जंग अब चुनाव आयोग (EC) की चौखट तक पहुंच गई है।

दोनों ही दलों ने एक-दूसरे के नेताओं पर भड़काऊ भाषण, अभद्र टिप्पणी और जान से मारने की धमकी देने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इस पूरे सियासी बवाल के केंद्र में ‘आरजी कर’ (RG Kar) पीड़िता की मां और पानिहाटी (Panihati) सीट से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ, और दूसरी तरफ टीएमसी के मुखर सांसद कल्याण बनर्जी हैं।

TMC का आरोप: “CM ममता बनर्जी को दी गई जान से मारने की धमकी”

विवाद की शुरुआत तब हुई जब टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक आधिकारिक पत्र लिखा।

इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि पानिहाटी से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है।

टीएमसी का दावा है कि भाजपा उम्मीदवार ने सीएम को जान से मारने की धमकी तक दी है, जो न केवल लोकतंत्र के लिए खतरनाक है, बल्कि चुनावी माहौल को भी दूषित कर रहा है। टीएमसी ने चुनाव आयोग से तुरंत जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

BJP का पलटवार: “कल्याण बनर्जी ने अमित शाह पर की अभद्र टिप्पणी”

टीएमसी की शिकायत के कुछ ही घंटों के भीतर, भाजपा ने भी जोरदार पलटवार किया। भाजपा नेता शिशिर बजोरिया ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक, भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले बयान दिए हैं। भाजपा ने चुनाव आयोग से सख्त मांग करते हुए कहा है कि:

  • कल्याण बनर्जी के खिलाफ आचार संहिता के तहत तत्काल कार्रवाई हो।

  • इंटरनेट से उनके भड़काऊ वीडियो को हटाया जाए।

  • भविष्य में उन्हें ऐसे बयान देने से रोका जाए (गैग ऑर्डर)।

  • उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।

पानिहाटी सीट बनी ‘हॉट सीट’

यह पूरा विवाद पानिहाटी विधानसभा सीट के इर्द-गिर्द घूम रहा है। यह सीट इस बार चुनाव में सबसे हाई-प्रोफाइल बन गई है, क्योंकि भाजपा ने यहां से ‘आरजी कर अस्पताल’ की मृतका डॉक्टर की मां, रत्ना देबनाथ को मैदान में उतारा है।

भाजपा इस सीट के जरिए राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना रही है।

वहीं, टीएमसी लगातार यह आरोप लगा रही है कि भाजपा एक परिवार के ‘निजी दुख’ को राजनीतिक फायदे के लिए भुना रही है।

दोनों दलों की इस आक्रामक रणनीति से यह साफ है कि बंगाल का आगामी चुनाव बेहद कड़ा, व्यक्तिगत और तनावपूर्ण होने वाला है।

Santosh SETH

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