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बलूचिस्तान का बड़ा ऑफर: आजादी के बदले तेल, हिंगलाज माता और ग्वादर

बलूचों का भारत को ‘मास्टरस्ट्रोक’ ऑफर: आजादी में मदद के बदले देंगे ये 3 बेशकीमती चीजें, पाकिस्तान-चीन के उड़ेंगे होश 

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 

 दुनिया में जिस ‘तेल’ और ‘ऊर्जा’ के लिए अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश वेनेजुएला और ईरान पर दबाव बनाते हैं, वही बेशकीमती खजाना बलूचिस्तान बड़े ही आराम से भारत को सौंपने के लिए तैयार है।

बलूचिस्तान की आजादी की जंग के बीच बलूच एक्टिविस्ट्स का वह ऐतिहासिक ऐलान एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान से आजादी मिलने पर भारत को तीन बड़े ‘रिटर्न गिफ्ट’ देने का वादा किया था।

बलूचिस्तान के मशहूर एक्टिविस्ट मीरयार बलोच ने दुनिया भर में फैले 6 करोड़ बलूचों की तरफ से भारत को जो खुला ऑफर दिया था, वह दक्षिण एशिया के पूरे नक्शे और कूटनीति को बदलकर रख सकता है। बलूचों के ये तीन बड़े वादे इस प्रकार हैं:

1. ऊर्जा का खजाना और ग्लोबल कनेक्टिविटी (Energy & Connectivity):

मीरयार बलोच के अनुसार, आजाद बलूचिस्तान भारत को प्राकृतिक संसाधनों (Natural Resources) का असीमित भंडार देगा।

बलूचिस्तान की जमीन के नीचे तेल, गैस और ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ का अरबों डॉलर का खजाना छिपा है।

अगर भारत बलूचिस्तान की मदद करता है, तो यह ऊर्जा भंडार भारत के काम आएगा। इसके अतिरिक्त, बलूचिस्तान भारत को एक सीधा ‘कॉरिडोर’ (Corridor) भी देगा, जो भारत की पहुंच सेंट्रल एशिया, मिडिल ईस्ट और यूरोप तक बेहद आसान बना देगा।

2. सांस्कृतिक जुड़ाव: हिंगलाज माता मंदिर के दर्शन (Cultural Connection):

भारत के लिए दूसरा बड़ा फायदा सांस्कृतिक और धार्मिक है। 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत पवित्र ‘हिंगलाज माता मंदिर’ बलूचिस्तान में ही स्थित है।

पाकिस्तानी आतंक और कट्टरपंथ के बावजूद बलूच लोगों ने इस मंदिर की पूरी निष्ठा से रक्षा की है। बलूचिस्तान के आजाद होने पर भारत के श्रद्धालु बिना किसी रोक-टोक और भय के अपनी आस्था के इस बड़े केंद्र के दर्शन कर पाएंगे।

3. सामरिक और रणनीतिक जीत: चीन-पाक गठजोड़ का खात्मा (Strategic Masterstroke):

तीसरा ऑफर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से सबसे अहम है। बलूचिस्तान के आजाद होते ही पाकिस्तान की ‘ग्वादर पोर्ट’ (Gwadar Port) और अरब सागर तक पहुंच पूरी तरह कट जाएगी।

इसके साथ ही, भारत की संप्रभुता के लिए खतरा बन चुका चीन का ‘CPEC’ (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) प्रोजेक्ट भी हमेशा के लिए बर्बाद हो जाएगा।

अगर बलूचों के ये तीनों वादे पूरे होते हैं, तो भारत इस पूरे भू-भाग में एक अजेय महाशक्ति के रूप में स्थापित हो जाएगा, और पाकिस्तान-चीन का नापाक गठजोड़ हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

Santosh SETH

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