Uttar Pradesh

यूपी पंचायत चुनाव: OBC आरक्षण के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग गठित

यूपी पंचायत चुनाव: OBC आरक्षण के लिए 5 सदस्यीय ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ का गठन, हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज होंगे अध्यक्ष

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर हलचल और तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का आरक्षण तय करने के लिए राज्य सरकार ने मंगलवार को एक अहम कदम उठाते हुए ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ (Dedicated Backward Class Commission) के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

यह आयोग राज्य में पंचायत चुनावों का रास्ता साफ करने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

3 महीने के भीतर सरकार को सौंपनी होगी रिपोर्ट

पंचायती राज विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, इस नवगठित आयोग को तीन महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।

हालांकि, जरूरत पड़ने पर सरकार के पास इस समय सीमा को आगे बढ़ाने का भी अधिकार सुरक्षित रहेगा। इस आयोग का मुख्यालय राजधानी लखनऊ में ही स्थापित किया जाएगा।

HC के रिटायर्ड जज होंगे अध्यक्ष, 5 सदस्यीय होगा आयोग

अधिसूचना के अनुसार, यह समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग पांच सदस्यीय (5 Members) होगा:

  • अध्यक्ष: आयोग की कमान उच्च न्यायालय (High Court) के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश के हाथों में होगी।

  • सदस्य: इसके अलावा, आयोग में ऐसे सदस्यों को शामिल किया जाएगा जिन्हें पिछड़ा वर्ग से जुड़े मामलों और सामाजिक समीकरणों की गहरी जानकारी हो।

  • कार्यकाल: आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल छह महीने के लिए निर्धारित किया गया है।

  • साथ ही, सरकार के पास यह विशेषाधिकार भी होगा कि लोकहित में जरूरत महसूस होने पर किसी सदस्य या अध्यक्ष को उनके पद से हटाया जा सके।

अधिकारियों और कर्मचारियों की होगी तैनाती

आयोग के सुचारू कामकाज के लिए इसमें सचिव, उप सचिव, शोध अधिकारी, समीक्षा अधिकारी और कार्यालय सहायकों समेत अन्य कर्मचारियों की भी तैनाती की जाएगी।

  • इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति विभिन्न सरकारी विभागों से प्रतिनियुक्ति (Deputation) के आधार पर की जाएगी।

  • विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य की अधिकता और जरूरत पड़ने पर सेवानिवृत्त (Retired) अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं संविदा (Contract) पर भी ली जा सकेंगी।

इस आयोग के गठन के साथ ही प्रदेश में पंचायत चुनावों की सरगर्मियां और तेज हो गई हैं, क्योंकि इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण का फॉर्मूला तय होगा।

Santosh SETH

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