आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ SIT को 11 सबूत सौंपे। वहीं, अयोध्या के संतों ने AAP नेताओं पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और राजनीति करने का आरोप लगाया है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
अयोध्या जमीन विवाद में ‘आप’ और संतों के बीच घमासान: संजय सिंह ने SIT को सौंपे अहम सबूत, भड़के संतों ने केजरीवाल को बताया ‘कालनेमि’
लखनऊ/अयोध्या: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अयोध्या राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित जमीन घोटाले और चढ़ावा चोरी के मामले ने एक बार फिर से बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को लखनऊ में SIT अध्यक्ष विजय विश्वास पंत को महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपे हैं।
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, एक तरफ ‘आप’ नेता जहां जांच में देरी पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अयोध्या के साधु-संतों ने AAP नेताओं पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें मंदिर के नाम पर ‘गंदी राजनीति’ करने वाला बताया है।
गुरुवार सुबह 11 बजे SIT अध्यक्ष के दफ्तर पहुंचे संजय सिंह करीब 12 मिनट तक वहां रुके। बाहर आकर उन्होंने मीडिया से कहा:
“पैसे की बरामदगी हो चुकी है, चढ़ावे में चोरी के तमाम साक्ष्य मिल चुके हैं। फिर भी अब तक कोई जेल क्यों नहीं गया? किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? कोई FIR अब तक क्यों दर्ज नहीं हुई? यह सीधे तौर पर ट्रस्ट के पैसों में चंदा चोरी की डकैती है।”
संजय सिंह ने बिंदुवार उन सभी 11 विवादित सौदों के मूल कागजात पेश किए, जिनमें करोड़ों रुपये की जमीन औने-पौने दामों पर खरीदकर ट्रस्ट को भारी मुनाफे के साथ बेची गई थी।
इस पूरे मामले में उन्होंने ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा, तत्कालीन मेयर ऋषि कुमार उपाध्याय और चंपत राय की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
संजय सिंह के आरोपों और AAP मुखिया अरविंद केजरीवाल के आगामी अयोध्या दौरे को लेकर हनुमानगढ़ी के संत राजूदास ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
राजूदास ने केजरीवाल को “कालनेमि” (छलिया राक्षस) बताते हुए कहा कि कुछ लोग अयोध्या आकर सिर्फ राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं।
विश्व हिंदू सिख महासभा के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने भी जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर राम मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा की मांग की है।
उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर चंपत राय के लिए ‘अभद्र भाषा’ का प्रयोग करने का आरोप लगाया। परमहंस आचार्य ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा:
“अगर कोई नेता यहां आकर गंदी राजनीति करेगा और मनगढ़ंत बयान देगा, तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा। किसी भी तरह की फालतू बयानबाजी की गई, तो अयोध्या के साधु-संत उन्हें दौड़-दौड़कर पीटेंगे।”
संजय सिंह ने इन सभी सौदों के मूल (Original) कागजात पेश करते हुए यूपी सरकार और प्रशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
“मैं ओरिजिनल कागज लेकर आया हूं। इनके पास बचने का कोई रास्ता नहीं है। जब अयोध्या के एसडीएम (SDM) खुद लिखकर दे रहे हैं कि यह जमीन ‘नजूल’ (सरकारी) की जमीन है, तो कैसे इस जमीन को 24 करोड़ रुपये में खरीदा जा सकता है? यह साफ तौर पर सीधे ट्रस्ट के पैसों में चंदा चोरी की डकैती है।”– संजय सिंह, सांसद (AAP)
एसआईटी की जांच अभी जारी है और जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जा चुकी है। अब देखना यह है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट क्या खुलासे करती है और इस सियासी घमासान का अंत कहां होता है।
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