बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक निशाने पर

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले जारी: 2 की हत्या, कुमिला काली मंदिर पर बम से हमला | The Politics Again

“बांग्लादेश में हिंदुओं पर थमी नहीं हिंसा: 1 हफ्ते में 2 की हत्या, कुमिला के काली मंदिर पर फेंके देसी बम “

ढाका (The Politics Again): संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक बदलावों के बीच हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और प्रताड़ना की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

पिछले महज एक सप्ताह के भीतर अलग-अलग जिलों में दो हिंदुओं की नृशंस हत्या और एक प्रसिद्ध मंदिर पर बम हमले ने हालात को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

इन घटनाओं के बाद बांग्लादेश में रहने वाला हिंदू समुदाय भारी दहशत और असुरक्षा के साये में है।मानवाधिकार संगठनों और हिंदू नेताओं ने इन हमलों को समाज में धार्मिक अशांति फैलाने की गहरी साजिश बताते हुए सरकार से ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बोगुरा: कोचिंग संचालक की चाकू घोंपकर हत्या

6 मार्च (शुक्रवार) की रात बोगुरा जिले में 40 वर्षीय चायोन राजभर की अज्ञात हमलावरों ने चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी।

चायोन राजभर पेशे से एक कोचिंग सेंटर चलाते थे और स्थानीय स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाने जाते थे। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है।

कॉक्स बाजार और चटगांव: रंगदारी न देने पर छीनी जिंदगी

7 मार्च को कॉक्स बाजार जिले में 29 वर्षीय गणेश पाल को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय गुंडे उनसे रंगदारी मांग रहे थे और पैसे देने से इनकार करने पर उनकी हत्या कर दी गई।

यह कोई इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले भी चटगांव में रंगदारी का विरोध करने पर आकाश दास की हत्या कर दी गई थी।

इसी क्षेत्र के चंदनैश उपजिला (बदुरपारा) में 70 वर्षीय बुजुर्ग चंदन दे को मवेशी चोरी रोकने के कारण मार दिया गया था।

कुमिला: पूजा के दौरान काली मंदिर पर बम से हमला

हिंसा का यह सिलसिला केवल हत्याओं तक सीमित नहीं रहा। 8 मार्च की शाम कुमिला शहर के ऐतिहासिक ‘कालीगाछ ताला काली मंदिर’ में पूजा-अर्चना के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने देसी बम फेंक दिए। इस कायराना हमले में पुजारी केशब चक्रवर्ती समेत चार श्रद्धालु घायल हो गए।

हमले के बाद इलाके में भारी दहशत फैल गई। कुमिला के पुलिस अधीक्षक एमडी अनीसुज्जमां ने तत्काल मौके का दौरा किया और घटना की जांच के कड़े आदेश दिए हैं।

मानवाधिकार संगठनों ने उठाया कड़ा कदम

इन लगातार हो रहे हमलों पर ‘बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोते’ के महासचिव मृत्युंजय कुमार राय ने गहरी चिंता जताई है।

उन्होंने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति अपनाने की पुरजोर मांग की है।

वहीं, ‘महानगर पूजा उत्सव फ्रंट’ के संयोजक श्यामल कृष्ण ने चेतावनी दी है कि ये घटनाएं समाज में सांप्रदायिक अशांति फैलाने की सुनियोजित साजिश हो सकती हैं।

उन्होंने दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है ताकि अल्पसंख्यकों में विश्वास बहाल किया जा सके।

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