“अमेरिका ने अपनी आप्रवासन (Immigration) नीतियों में अब तक का सबसे बड़ा और सख्त बदलाव करते हुए 75 देशों के लिए वीजा प्रक्रिया पर रोक लगाने का फैसला किया है”
एजेंसी | वाशिंगटन, 15 / 01 / 2026 संतोष सेठ की रिपोर्ट
अमेरिकी स्टेट विभाग ने घोषणा की है कि 21 जनवरी से इन देशों के नागरिकों के लिए वीजा प्रोसेसिंग को अनिश्चित काल के लिए रोका जा रहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन आवेदकों को अमेरिका में प्रवेश करने से रोकना है जो भविष्य में देश के सार्वजनिक संसाधनों पर बोझ बन सकते हैं।
अमेरिकी प्रशासन द्वारा जारी की गई इस ‘ब्लैकलिस्ट’ में रूस, अफगानिस्तान, ईरान, इराक, सोमालिया, ब्राजील, नाइजीरिया, थाईलैंड, मिस्र और यमन जैसे 75 देश शामिल हैं।
स्टेट विभाग के निर्देशानुसार, जब तक स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) पूरा नहीं हो जाता, तब तक इन देशों के आवेदकों को वीजा जारी नहीं किया जाएगा।
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, स्टेट विभाग के एक आंतरिक ज्ञापन (Memo) में कांसुलर अधिकारियों को आव्रजन कानून के ‘सार्वजनिक प्रभार’ (Public Charge) प्रावधान का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
नवंबर 2025 में भेजे गए संदेश के तहत, अधिकारियों को उन लोगों को वीजा देने से मना करने को कहा गया है जिनके अमेरिकी करदाताओं या सरकारी सुविधाओं पर निर्भर रहने की संभावना है।
वीजा पाने के लिए अब इन पैमानों पर कसनी होगी कमर: अमेरिका अब आवेदकों की केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि उनकी क्षमता देखेगा। वीजा देने से पहले निम्नलिखित कारकों की गहन जांच की जाएगी:
स्वास्थ्य और आयु: अधिक उम्र या अधिक वजन (Obesity) वाले आवेदकों को अयोग्य ठहराया जा सकता है।
भाषा: अंग्रेजी भाषा में दक्षता अनिवार्य हो सकती है।
आर्थिक इतिहास: यदि आवेदक ने पहले कभी सरकारी नकद सहायता ली है या किसी संस्थागत मदद पर निर्भर रहा है, तो उसका वीजा खारिज हो जाएगा।
दीर्घकालिक चिकित्सा: क्या आवेदक को भविष्य में लंबी मेडिकल देखभाल की जरूरत पड़ सकती है?
सूत्रों के मुताबिक, इस सख्त फैसले के पीछे मिनेसोटा में हुआ एक बड़ा वित्तीय घोटाला प्रमुख कारण है। वहां संघीय अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का खुलासा किया था, जिसमें कई सोमाली नागरिक और सोमाली-अमेरिकी शामिल पाए गए थे। इस घटना के बाद से ही सोमालिया और अन्य संवेदनशील देशों के नागरिकों पर निगरानी बढ़ा दी गई थी।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने इस फैसले पर मुहर लगाते हुए कहा:
“विभाग अपने दीर्घकालिक अधिकार का उपयोग उन संभावित प्रवासियों को अयोग्य घोषित करने के लिए करेगा, जो संयुक्त राज्य अमेरिका पर सार्वजनिक बोझ बन जाएंगे और अमेरिकी लोगों की उदारता का शोषण करेंगे।”
यह रोक 21 जनवरी से प्रभावी होगी और अभी इसकी कोई अंतिम तिथि निर्धारित नहीं की गई है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से दुनिया भर के लाखों वीजा आवेदकों के सपने अधर में लटक सकते हैं और अमेरिका के राजनयिक संबंधों पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है।
महत्वपूर्ण बिंदु (Key Highlights):
🚫 प्रतिबंध: 75 देशों के वीजा पर रोक।
📅 तारीख: 21 जनवरी से प्रभावी।
🔍 कारण: आवेदकों के ‘सार्वजनिक बोझ’ बनने की संभावना को खत्म करना।
⚠️ सख्ती: अधिक वजन, खराब स्वास्थ्य और अंग्रेजी न जानने पर वीजा होगा रिजेक्ट।
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम आज: 293 सीटों पर वोटों की गिनती शुरू, जानिए बहुमत का…
5 राज्यों के चुनाव नतीजे आज: बंगाल से तमिलनाडु तक सत्ता की चाबी किसके हाथ?…
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट: कांग्रेस बता रही 'विनाश', रक्षा विशेषज्ञ बोले- चीन के चक्रव्यूह का अचूक…
विवेक विहार अग्निकांड: मौत का जाल बनी इमारत, लोहे की ग्रिल और छत के ताले…
5 राज्यों के एग्जिट पोल: बंगाल और तमिलनाडु में चौंकाने वाले आंकड़े, असम-पुडुचेरी में NDA…
जौनपुर: जनसहभागिता से ही सफल होगा स्वगणना अभियान, 7 से 21 मई तक चलेगा विशेष…