यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अखिलेश यादव ने दलित और कुर्मी वोट बैंक पर निशाना साधा

अखिलेश यादव का सियासी दांव: मायावती-नीतीश पर बयान से 2027 की तैयारी

“अखिलेश यादव का मास्टरस्ट्रोक: मायावती-नीतीश को ‘PM’ बनाने का जिक्र कर 2027 के लिए साधा दलित और कुर्मी वोट बैंक “

लखनऊ (The Politics Again): वरुण यादव की रिपोर्ट 

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अभी से अपनी गोटियां सेट करनी शुरू कर दी हैं।

शनिवार को लखनऊ में की गई उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि दलित और कुर्मी समाज की सहानुभूति हासिल करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी।

अखिलेश ने खुलकर कहा कि सपा-बसपा गठबंधन के दौरान वे मायावती को और ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे।

इन बयानों के जरिए अखिलेश ने वर्षों से दबी उन हसरतों को उभारने का काम किया है, जो इन वर्गों के मतदाता अपने नेताओं के लिए देखते रहे हैं।

निशाने पर दलित (जाटव) और कुर्मी समाज नीतीश कुमार कुर्मी समाज से आते हैं और यूपी में कुर्मी समाज के 11 लोकसभा सदस्य हैं (जिनमें से 7 सपा के हैं)।

अखिलेश यह जताना चाहते हैं कि नीतीश कुमार को पीएम पद तक ले जाने की असली नीयत सपा की थी, लेकिन भाजपा ने ऐसा नहीं होने दिया।

इसी तरह, मायावती को पीएम पद के लिए प्रस्तुत करके वे उस दलित (खासकर जाटव) वर्ग को साधना चाहते हैं, जो कभी बाबू जगजीवन राम को प्रधानमंत्री बनते देखना चाहता था।

कांशीराम की जयंती को बड़े पैमाने पर मनाने का फैसला भी इसी ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति का विस्तार है।

सपा नेतृत्व अब अखिलेश की पहचान सिर्फ ‘यादव’ नेता से हटाकर सभी शोषितों और वंचितों के सर्वमान्य नेता के रूप में स्थापित करना चाहता है।

बीजेपी सरकार पर तीखे हमले: “इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार” प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला:

  • महंगाई और भ्रष्टाचार: उन्होंने भाजपा को माफियाओं और इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार बताया। शिवपाल यादव ने भी आरोप लगाया कि सरकार बजट का 70% खुद डकार रही है।

  • एलपीजी के दाम: अखिलेश ने कहा कि महंगाई चरम पर है और एलपीजी गैस के दाम आज ही 60 रुपये बढ़ा दिए गए हैं।

  • सीएम योगी पर तंज: मुख्यमंत्री की हालिया विदेश यात्रा पर चुटकी लेते हुए कहा कि वे जापान गए लेकिन क्योटो नहीं गए। “जो सीएम ट्रेन की रफ्तार देखकर ताली बजाए, वह क्या विकास करेगा?”

  • वोट कटवाने का आरोप: चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि यूपी में बड़े पैमाने पर प्रिंटेड फॉर्म-7 के जरिए वोट कटवाने की साजिश रची गई थी, जिसकी जांच होनी चाहिए।

विदेश नीति और सनातन धर्म पर भी बेबाक राय

अखिलेश ने भाजपा पर शंकराचार्य और सनातन धर्म को बदनाम करने का आरोप लगाया। विदेश नीति पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर रूस से सस्ता तेल मिल रहा है, तो भारत सरकार को वहां से आयात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति कोई दूसरा देश तय नहीं कर सकता।

2024 के लोकसभा परिणामों से उत्साहित सपा अब पूरे आत्मविश्वास के साथ 2027 के महासमर की तैयारी में जुट गई है।

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