पीएम मोदी की अपील : पेट्रोल बचाएं, 1 साल सोना न खरीदें
पीएम मोदी की देशवासियों से बड़ी अपील: ‘पेट्रोल-डीजल बचाएं, एक साल तक न खरीदें सोना’, संकट के समय में गिनाए देशभक्ति के मायने”
हैदराबाद: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, सप्लाई चेन की बाधाओं और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में देशवासियों से एक बेहद अहम अपील की है।
India continues to scale new heights of progress but at the same time there are several challenges we have to overcome.
Here is my appeal to my fellow Indians. pic.twitter.com/vIz1nT2EF6
— Narendra Modi (@narendramodi) May 10, 2026
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कोविड काल (Covid-19) जैसे उपायों को दोबारा अपनाने का आग्रह किया है।
‘देशभक्ति का मतलब सिर्फ जान देना नहीं’
प्रधानमंत्री ने संकट के इस समय में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सभी नागरिकों से सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया।
देशभक्ति को नए सिरे से परिभाषित करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि “देशभक्ति का मतलब सिर्फ देश के लिए अपनी जान देना ही नहीं है, बल्कि मुश्किल समय में जिम्मेदारी से जीना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करना भी सच्ची देशभक्ति है।”
विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ‘कोविड मॉडल’ और बड़े कदम
पीएम मोदी ने देश के व्यापक हित में ईंधन और विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
उन्होंने कोविड के समय अपनाए गए ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ऑनलाइन मीटिंग्स जैसे उपायों को फिर से शुरू करने की सलाह दी है।
इसके अलावा, विदेशी मुद्रा के भंडार पर दबाव कम करने के लिए लोगों से विदेश यात्राओं में कटौती करने और कम से कम एक साल तक ‘सोना’ (Gold) न खरीदने की विशेष अपील की है।
प्रधानमंत्री मोदी की देशवासियों से अहम अपीलें:
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ईंधन बचाएं: पेट्रोल और डीजल का गैर-जरूरी इस्तेमाल कम करें।
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पब्लिक ट्रांसपोर्ट: जहां भी संभव हो, मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक उपयोग करें।
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कार-पूलिंग: जब प्राइवेट गाड़ी का इस्तेमाल बेहद जरूरी हो, तो ‘कार-पूलिंग’ (Car-pooling) का विकल्प चुनें।
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रेलवे का इस्तेमाल: सामान (Freight) लाने-ले जाने के लिए सड़क मार्ग के बजाय रेलवे ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दें।
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इलेक्ट्रिक वाहन (EV): जहां भी हो सके, इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल बढ़ाएं।
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वर्क फ्रॉम होम: ईंधन बचाने के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ अरेंजमेंट, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा दें।
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विदेश यात्राओं से बचें: गैर-जरूरी विदेश यात्रा, विदेश में छुट्टियां मनाने और ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ के लिए विदेश जाने से बचें।
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घरेलू पर्यटन: विदेशों के बजाय भारत में ही घरेलू टूरिज्म (Domestic Tourism) और देश में ही सेलिब्रेशन को चुनें।
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सोना न खरीदें: विदेशी मुद्रा को देश से बाहर जाने से रोकने के लिए एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचें।
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लोकल फॉर वोकल: मेड-इन-इंडिया (Made in India) और स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को प्राथमिकता दें। इसमें जूते, बैग और रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली अन्य चीजें शामिल हैं।
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खाने का तेल कम खाएं: खाने के तेल (Edible Oil) का इस्तेमाल कम करें। इससे देश की आर्थिक सेहत के साथ-साथ आपकी व्यक्तिगत सेहत को भी बड़ा फायदा होगा।
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उर्वरक में कटौती: किसान भाई खेती में केमिकल फर्टिलाइजर (रासायनिक खाद) का इस्तेमाल 50 प्रतिशत तक कम करें।
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प्राकृतिक खेती: मिट्टी की सेहत बनाए रखने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए ‘नेचुरल फार्मिंग’ (प्राकृतिक खेती) के तरीकों को अपनाएं।
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सोलर पंप का इस्तेमाल: खेती में डीजल पंप पर निर्भरता खत्म कर ‘सोलर पावर’ (सौर ऊर्जा) से चलने वाले सिंचाई पंप को ज्यादा से ज्यादा अपनाएं।











